कटनी से लापता इंजीनियर का शव उसी की शादी की तारीख पर घर पहुंचा। शव कटनी से 750 किमी दूर रतलाम के धोलावाड़ डैम में मिला था। आज उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रतलाम पुलिस ने मृतक शुभम तिवारी के बिना सिम के मोबाइल से परिजनों को खोजा। गुरुवार सुबह परिजन रतलाम पहुंचे। शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शव एंबुलेंस से लेकर रवाना हुए। परिजनों ने बताया कि शुभम की सतना की युवती से 15 फरवरी को सगाई और 20 फरवरी को शादी होनी थी, उसी दिन शाम को उसका शव घर (कटनी) पहुंचा। शुभम के पिता मनोज तिवारी ने कहा कि शुभम ने बीटेक किया था। वह कटनी में बिरला पुट्टी कंपनी में इंजीनियर था। इसके बावजूद करियर को लेकर काफी परेशान रहता था। 8 फरवरी को घर में बिना बताए कहीं चला गया। जिसकी गुमशुदगी कटनी के बड़ावरा थाने में दर्ज कराई थी। वह आखिरी बार कटनी के एक पेट्रोल पंप पर सीसीटीवी में कैद हुआ था। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। रतलाम पुलिस ने धोलावाड़ पर मछुआरों से पूछताछ की। कुछ मछुआरों ने बताया कि एक युवक डैम के किनारे कंबल ओढ़कर बैठा था। उन्होंने सोचा ऐसे ही कोई बैठा होगा। लेकिन बाद में वह नहीं दिखा। होने वाली पत्नी को बताई थी परेशानी
रिश्तेदार उमेश मिश्रा ने बताया कि शुभम ऐसा शख्स नहीं था कि सुसाइड कर ले। घर में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। केवल अपने करियर को लेकर चिंतित रहता था। एमपीपीएससी के दो बार मेंस एग्जाम दिए। यूपीएससी की भी तैयारी कर रहा था। अपने करियर को लेकर होने वाली पत्नी से भी चिंता जाहिर की थी। समझ नहीं आ रहा है कि शुभम कटनी से 750 किमी दूर क्यों और कैसे पहुंचा। पेट्रोल पंप पर बाइक खड़ी कर पैदल निकला
नौकरी के लिए घर से कंपनी की बस से आता-जाता था। लेकिन, 8 फरवरी को वह घर से ड्यूटी के लिए बाइक पर निकला। कंपनी में शाम 6:30 बजे कर्मचारियों को बोल कर निकला कि आज काम कम है, घर जा रहा हूं। लेकिन, वह घर नहीं पहुंचा। शुभम ने रास्ते में एक पेट्रोल पंप पर अपनी बाइक खड़ी की और वहां से पैदल निकल गया। पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी में वह कैद हुआ था। ढूंढने के लिए प्रयागराज भी गए परिजन
परिवार के लोगों ने बताया कि सभी ने कटनी समेत आसपास के जिलों में शुभम को काफी तलाशा, पोस्टर भी लगाए। प्रयागराज में भी ढूंढा। लेकिन, कोई जानकारी नहीं मिली। परिजनों ने रतलाम एसपी अमित कुमार से भी मुलाकात की। शुभम के पिता मनोज तिवारी रियल एस्टेट का काम करते हैं। घर में मां के अलावा दादा-दादी और छोटा भाई सत्यम तिवारी है। मोबाइल के IMEI नंबर से निकाली कॉल डिटेल
रावटी थाने के सब इंस्पेक्टर एमआई खान ने बताया कि युवक की शिनाख्ती को लेकर सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड किया था। उसके जेब से मिले मोबाइल को जब देखा तो उसमें सिम नहीं थी। मोबाइल बंद था। तब साइबर सेल की टीम ने मोबाइल खुलवाकर क्यूआर कोड को स्कैन किया। स्कैन के बाद मोबाइल खरीदने के दौरान का बिल ऑनलाइन निकाला। बिल पर लिखा IMEI नंबर सर्च किया। IMEI नंबर से बी पार्टी (लास्ट कॉल) कॉल डिटेल निकाली। आखिरी कॉल नंबर मिलने पर उस पर कॉल किया। तब जाकर परिजनों का पता चला। शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान
पुलिस के अनुसार शव पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं थे। सुसाइड नोट भी नहीं मिला। हाथ में अंगूठी थी। जेब से मोबाइल मिला है। रिश्तेदारों के मुताबिक शुभम का किसी से कोई विवाद भी नहीं था। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।


