शायद उज्जैन में होती है गुड़ की खेती:महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष बोलीं- हम जाएंगे और खाएंगे; भाजपा नेत्री के व्यवहार को बताया निंदनीय

हाल ही में सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंच से कहा था कि- बैतूल में गुड़ बहुत अच्छा है। ऐसे में गुड़ के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक क्लस्टर बनाना चाहिए। इसके बाद सीएम ने हाथ खड़ा करते हुए कहा था- बताओ कौन कौन गुड़ लगाता है, जिनकी अपनी खेती होती है। हाथ उठाकर पूछा- बताओ बनाना चाहिए गुड़ का क्लस्टर? सीएम ने उत्साह के साथ कहा- तो ताली बाली बजाओ, मैं इसे बनाने की घोषणा करता हूं। सीएम मोहन यादव के इस बायन पर महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी ने तंज कसा है। उन्होंने जबलपुर में एक दिव्यांग महिला के साथ भाजपा नेत्री के अभद्र व्यवहार को भी निंदनीय बताया है। शायद उज्जैन में होती होगी गुड़ की खेती जबलपुर पहुंची महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी ने कहा कि सीएम मोहन यादव का इस तरह का बयान बहुत ही ज्यादा हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि गुड़ की खेती कैसे होती है। शायद उनके उज्जैन में गुड़ की खेती होगी, मैं भी उनके पड़ोसी जिले इंदौर की रहने वाली हूं, हमारे यहां तो ऐसा नहीं होता। अगर वो गुड़ की खेती करें तो अच्छी बात है, हम जाएंगे भी, और खाएंगे भी। दिव्यांग महिला को ऐसे शब्द बोलना ठीक नहीं रीना बौरासी ने कहा कि कुछ दिनों पहले जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी की जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव का एक वीडियो देखा, जिसमें वह एक दिव्यांग महिला को कह रही थी, कि इस जन्म में अंधी हो, अगले जन्म भी होगी। उनका इस तरह का कहना, बहुत ही निंदनीय है। एक महिला, जिसे आंखों से दिखाई नहीं देता है, उसके लिए एक महिला ऐसे शब्द कहेगी, यह सोचा नहीं था। रानी बौरासी ने सीएम मोहन यादव और भाजपा के पदाधिकारियों से मांग की है कि उस महिला नेत्री के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए, जिसने एक दिव्यांग महिला की सरेराह बेइज्जती की। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि भाजपा हमेशा यह कहती रही है कि उसकी पार्टी में महिलाओं को तबज्जो दी जाती है, लेकिन जब भाजपा की ही एक नेत्री इस तरह की बातें करती है, तो पार्टी के नेता उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं। कमजोर महिलाओं को किया जाता है अपमानित महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जबलपुर में बढ़ते अपराधों पर सरकार की चुप्पी और कमजोर महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता, सरकारी प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। अपराध नियंत्रण छोड़कर कमजोर वर्ग की महिलाओं को अपमानित करना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।

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