शारदा चौक चौड़ीकरण:1 लाख से ज्यादा लोग रोज फंसते हैं जाम में, सीएम के निर्देश का भी पालन नहीं

राजधानी रायपुर की लाइफलाइन मानी जाने वाली जीई रोड पर शारदा चौक से तात्यापारा के बीच करीब 510 मीटर की सड़क का चौड़ीकरण करीब 20 साल से अटका है। इस दौरान प्रदेश में पांच मुख्यमंत्री, पांच महापौर 15 कलेक्टर बदल गए। हर सरकार के कार्यकाल में सर्वे हुए, प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजा गया। इसके बावजूद सड़क चौड़ीकरण नहीं हुआ। जबकि रोज औसतन 1 लाख से ज्यादा लोग जाम में फंसकर परेशान होते हैं। छह माह पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने जब शारदा चौक का मुद्दा रखा गया तो उन्होंने सर्वे करने के निर्देश दिए। छह महीने के भीतर चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू करने कहा गया। उसके बाद नए सिरे से नापजोख और सर्वे किया गया। चौड़ीकरण में बाधा बन रहे 88 मकान और 111 भूस्वामियों की पहचान की गई। बस इसके बाद अफसरों ने प्रक्रिया रोक दी। सरकार को प्रस्ताव ही बनाकर नहीं भेजा है। इस वजह से ना तो मुआवाजा तय हुआ और ना ही तोड़फोड़ की प्रक्रिया शुरू की गई। सड़क चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग के पास 137 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं। हालांकि अफसरों का आंकलन है कि मुआवजे, तोड़फोड़ और सड़क बनाने में करीब 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यानी प्रोजेक्ट को पूरा करने में करीब 60 करोड़ की अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी। 2005 में तैयार हुआ था चौड़ीकरण का पहला प्रस्ताव
सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव पूर्व महापौर सुनील सोनी के कार्यकाल में 2005-06 में तैयार किया गया था। उस समय आमापारा से शारदा चौक तक चौड़ीकरण था। इसे दो फेज में पूरा करना था। पहले फेस में आमापारा से तात्यापारा तक चौड़ीकरण किया गया। दूसरे फेज का काम शुरू हो पाता, उससे पहले निगम में सत्ता बदल गई। सुनील सोनी की जगह किरणमयी नायक महापौर बनीं। किरणमयी के बाद प्रमोद दुबे महापौर बने। इस दौरान 8 बार दूसरे फेज यानी तात्यापारा से शारदा चौक का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। मुआवजे को लेकर निगम और राज्य शासन के बीच सहमति नहीं बन पाई। भाजपा शासनकाल में पूर्व लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत ने भी सर्वे करवाकर 55 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा था। नगर निगम में तब कांग्रेस की सरकार थी। इसके बाद 2018 में राज्य में कांग्रेस की सरकार आई। इस दौरान राज्य सरकार ने बजट में 137 करोड़ का प्रावधान किया। इस बीच राज्य में सत्ता बदली और मामला फिर अटक गया। उस समय निगम में कांग्रेस के महापौर एजाज ढेबर थे। उन्होंने चौड़ीकरण के लिए नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव, मुख्य सचिव, नगरीय प्रशासन मंत्री, मुख्यमंत्री से चौड़ीकरण की मांग की मांग की। धरना-प्रदर्शन और हस्ताक्षर अभियान चलाया। 36 फीट चौड़ी रोड होगी 80 फीट : चौड़ीकरण के बाद शारदा चौक से लेकर तात्यापारा के बीच सड़क की चौड़ाई करीब 80 फीट हो जाएगी। अभी यह सड़क कहीं पर 36 फीट है तो कहीं पर 55 फीट। सबसे ज्यादा दिक्कत शारदा चौक के पास आती है। यहां पर सड़क की चौड़ाई सबसे कम है। सुबह और शाम यहीं पर सबसे ज्यादा जाम के हालात बनते हैं। इस सड़क पर रोज करीब एक लाख वाहन गुजरते हैं। बॉटल नेक की वजह से दिन में कई बार जाम लगता है। प्रस्ताव कब-कब
2008-09
महापौर सुनील सोनी के कार्यकाल में
2011 – 14
किरणमयी नायक के कार्यकाल में 2 बार
2016
तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत के निर्देश पर
2017-2019
प्रमोद दुबे के समय दो बार
2020 -2024
एजाज ढेबर के कार्यकाल में दो बार सर्वे हो गया अब भेजेंगे प्रस्ताव तात्यापारा रोड चौड़ीकरण को लेकर सर्वे हो चुका है। सर्वे के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
डा. गौरव कुमार सिंह, कलेक्टर रायपुर मुआवजे पर फैसला शासन लेगा
शारदा चौक-तात्यापारा रोड चौड़ीकरण का काम शासन स्तर पर होना है। सर्वे भी हो चुका है। मुआवजे पर निर्णय शासन को लेना है। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
मीनल चौबे, महापौर रायपुर

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