शारदीय नवरात्र को लेकर एक तरफ जहां दंतेवाड़ा में शक्तिपीठ मां दंतेश्वरी मंदिर में तैयारियां पूरी हो गई है, तो वहीं दूसरी तरफ इस बार ट्रैफिक को कंट्रोल करना भी पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। क्योंकि फ्लड की वजह से बायपास मार्ग का पुल पूरी तरह से टूट चुका है। इस पुल को तुरंत बनाना संभव नहीं है। शहर में अब बस स्टैंड से कटेकल्याण रोड, हॉस्पिटल के सामने से होते हुए गायत्री मंदिर चौक की सिंगल सड़क का लोड ज्यादा बढ़ेगा। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन लोगों की आवाजाही के लिए इस रोड को खोलेगा। वहीं, अपनी निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालु, बस, ट्रक और अन्य सवारी वाहनों की आवाजाही इसी सड़क से होगी। ऐसे में ट्रैफिक को कंट्रोल करना एक बड़ी चुनौती होगी। 40 प्रतिशत लोड होता था कम दरअसल, सामान्य दिनों में भी ट्रकों की आवाजाही फरसपाल-चितालंका बायपास मार्ग से ही होती थी। शहर के बाहर से ट्रक चलती थी। जिससे शहर की ट्रैफिक में कोई असर नहीं पड़ता था। वहीं नवरात्र के समय ट्रकों की आवाजाही पर ब्रेक लगता था। इसके साथ ही नवरात्र के समय यात्री बसें भी बस स्टैंड से यात्रियों को बिठाकर इसी बायपास रोड से जाती थी। जिससे करीब 40 प्रतिशत लोड कम होता था। लेकिन अब पुल टूटने से सभी वाहन शहर के बीच से ही मुख्य मार्ग से गुजरेंगी। ये होगा रुट चार्ट बस स्टैंड से लेकर गायत्री मंदिर चौक तक दोनों तरफ बैरिकेड्स लगेंगे। यानी मंदिर के सामने से सड़क ब्लॉक रहेगी। वहीं सुकमा और किरंदुल-बचेली से आने वाली बसें पहले बस स्टैंड फिर यहां से SBI चौक से कटेकल्याण रोड, अस्पताल रोड होते हुए गायत्री मंदिर चौक के पास निकलेगी। इसी तरह गीदम की तरफ से आने वाली वाहन भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करेंगी। ट्रक न चलाने BTOA से बातचीत ASP आरके बर्मन ने कहा कि, हमने BTOA (बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन) से भी बातचीत की है कि नवरात्र के 9 दिन ट्रकों की आवाजाही पर ब्रेक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि ट्रकें नहीं चलेंगी। यदि चलती है तो रफ्तार कम हो। ट्रैफिक को कंट्रोल किया जाएगा। इधर, BTOA के अध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि BTOA में करीब 1600 ट्रकें हैं। हर दिन करीब 200 से ज्यादा ट्रक चलती है। ट्रक चलानी है या नहीं इसपर हम आज निर्णय लेंगे। ट्रैफिक को कंट्रोल करने ये पहल पुजारी बोले- भक्तों से निवेदन समस्या को समझे मंदिर के पुजारी विजेंद्र नाथ जिया ने कहा कि भक्तों से भी निवेदन है कि वे इस बार की व्यवस्था को लेकर थोड़ा संयम बनाए रखें। फ्लड की वजह से आई समस्या को समझे। प्रशासन और मंदिर समिति भक्तों को हर सुविधा देने की पूरी कोशिश कर रही है। लाखों की संख्या में आते हैं भक्त दरअसल, नवरात्र में माता दंतेश्वरी के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में भक्त दंतेवाड़ा पहुंचते हैं। पद यात्रियों की संख्या ज्यादा होती है। सुकमा, जगदलपुर और बीजापुर की सड़कें पदयात्रियों की भीड़ से खचाखच भरी रहती है। इसलिए इस बार भी भारी वाहनों की आवाजाही और उनकी रफ्तार को कंट्रोल करना बड़ी चुनौती है।


