आबकारी विभाग में उप निरीक्षकों की पदस्थापना की फाइल को जब भास्कर ने पता किया तो एक अलग ही सच सामने आया। अभी तक विभाग की परंपरा रही है तृतीय श्रेणी अराजपत्रित अफसरों की पहली पदस्थापना कमिश्नर के अनुमोदन से होती है। अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव और पीएल साहू को प्रशासन की जिम्मेदारी है। इन्होंने कमिश्नर आर संगीता को पदस्थापना की फाइल भेजी थी। साथ ही 12 दिसंबर 2025 के शासन के आदेश को संलग्न किया था। जिसमें यह उल्लेखित है कि उप निरीक्षक का पद तृतीय श्रेणी का है। आबकारी आयुक्त पदस्थापना जारी करने के लिए सक्षम अधिकारी है। फाइल पर आयुक्त के अनुमोदन होने के बाद सूची जारी की गई, लेकिन जब मंत्री ने संगीता से पूछा तो उन्होंने मना कर दिया। देर रात मंत्री बंगले पहुंचे दोनों अपर आयुक्त मंत्री के लिखित रूप से पदस्थापना निरस्त करने का आदेश जारी होने के बाद दोनों अपर आयुक्त देर रात मंत्री बंगले पहुंचे। बताया जाता है कि बंद कमरे में मंत्री ने श्रीवास्तव और साहू से जवाब तलब किया तो उन्होंने वहां भी इस बात को बताया कि कमिश्नर के अनुमोदन के बाद ही पदस्थापना सूची जारी की गई है। यह शासन के नियम में है। इसके पहले भी ऐसा होता आया है इसलिए आप को फाइल नहीं भेजी गई। इस पर मंत्री ने दोनों की जमकर क्लास भी लगाई कि भारसाधक मंत्री को बिना संज्ञान में लिये कोई आदेश कैसे जारी हो सकता है। पदस्थापना का नियम है कि सचिव और मंत्री को इसकी जानकारी होनी चाहिए। बतौर सचिव जब आर संगीता से मंत्री ने इस पदस्थापना के बारे में पूछा था तो उन्होंने सचिवालय में इस तरह की फाइल आने से मना कर दिया था। दो दिन में दोबारा जारी होगी सूची: विभागीय सूत्रों की मानें तो पदस्थापना की दोबारा सूची एक-दो दिन में जारी हो जाएगी। इस सूची को फिर से नए तरीके से तैयार किया जा रहा है। 50 प्रतिशत से अधिक उप निरीक्षकों के जिले इस सूची में बदले हुए मिलेंगे। नई सूची को मंत्री के संज्ञान में लाने के बाद ही जारी किया जाएगा।


