इंदौर में शनिवार को पहली बार दो दिवसीय सेंट्रल इंडिया हॉर्स शो की शुरुआत हुई। इस आयोजन में देश के 7 राज्यों से 200 से अधिक मारवाड़ी और नूकरा नस्ल के घोड़े शामिल हुए हैं। यह न केवल इंदौर, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में पहली बार हो रहा ऐसा अनोखा हॉर्स शो है। घोड़ों की शान, चाल, बनावट और ट्रेनिंग के आधार पर कई कैटेगरी में प्रतियोगिताएं की जा रही हैं। पहले दिन मिल्क टीथ, टू टीथ (दो दांत) और मेयर कैटेगरी की स्पर्धाएं हुईं। इंदौर के लिए गौरव की बात यह रही कि टू टीथ कैटेगरी में महू के खूबसूरत मुतर्ज़िल घोड़े ने शानदार प्रदर्शन करते हुए परचम लहराया। पंजाब-राजस्थान समेत 7 राज्यों के घोड़े आए
इंदौर के गांधीनगर ग्राउंड पर यह हॉर्स शो देवी अहिल्या हॉर्स सोसायटी के तत्वावधान में हो रहा है। इसमें मध्यप्रदेश, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा सहित 7 राज्यों के घोड़े भाग ले रहे हैं। सभी घोड़ों के लिए अस्थायी अस्तबल बनाए गए हैं, जहां उनकी विशेष देखभाल की जा रही है। आयोजन शनिवार सुबह 10 बजे शुरू होकर शाम 7 बजे तक चला। इसके लिए एक छोटा स्टेडियम तैयार किया गया है, जिसमें दर्शकों के लिए गैलरी और बीच में प्रतियोगिता रिंग बनाई गई है। रिंग में केवल चयनित घोड़े और उनके मालिकों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। पहले दिन प्रतियोगिता में मुतर्ज़िल का दबदबा देखने को मिला। 200 से अधिक घोड़ों के बीच वह अपनी ऊंचाई, खूबसूरती, कम उम्र, संतुलित डाइट, मजबूत डील-डौल, फुर्ती और आकर्षक चाल के कारण प्रतियोगिता का केंद्र बना रहा। उसकी अलग पहचान ने उसे खास बना दिया। टू टीथ में 35 घोड़ों में सबसे टॉप पर रहा मुर्तज़िल
शनिवार को टू टीथ कैटेगरी में 35 घोड़ों ने भाग लिया। इसमें सारे पैरामीटर्स में मुर्तज़िल सबसे अव्वल रहा। रिंग में कम उम्र में उसकी फुर्ती, खूबसूरती, मजबूती, ऊंचाई-चौड़ाई, डीलडौल को निर्णायक कमेटी खूब सराहा और नंबर दिए। उसने इस कैटेगरी में पहला स्थान पाया। इसी तरह मेयर कॉम्प्टिशन में पंजाब की कुदरत ने पहला स्थान पाया। पुरस्कार के रूप में उसके मालिक मो. शाहरुख को 21 हजार रुपए की राशि, सम्मान पत्र और ट्रॉफी दी गई। इसके साथ ही मुर्तज़िल की पीठ पर खूबसूरत लाल सैडल पैड ओढ़ाया गया। इसके साथ ही सिर पर लाल रंग का बैच लगाकर सम्मान किया गया। तीन तस्वीरों में देखिए… घोड़े के संरक्षण के प्रति जागरूकता उद्देश्य
आयोजक पवन सिंह चावड़ा ने बताया कि इस दो दिनी शो में देश के 7 राज्यों से 225 से अधिक मारवाड़ी (अलग-अलग रंगों के) और नूकरा (स्टेलियन ) नस्ल के घोड़े शामिल हुए हैं। घोड़ों की शान, चाल, बनावट और ट्रेनिंग को लेकर पहले दिन अलग-अलग कैटेगरी की कॉम्प्टिशन हुई। रविवार को भी दिन भर होंगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भारतीय घुड़सवारी संस्कृति को बढ़ावा देना और पारंपरिक घोड़ा नस्लों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। उम्मीद है कि यह हॉर्स शो हर साल होकर इंदौर को अश्व खेलों के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।


