पन्ना के रैपुरा में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से एक किसान की मौत हो गई। आरोपियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए शव को पत्थर से बांधकर नदी में फेंक दिया था। घटना 31 दिसंबर की रात की है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आज शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गै। अपने खेतों की रखवाली के लिए गया था किसान ग्राम हरदुआ गीजर निवासी इंद्रेश यादव (42) अपने खेतों की रखवाली करने गए थे। जब वह अगली सुबह घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान पुलिस को जंगल के रास्ते में विजय सिंह गोंड के खेत के पास कुछ संदिग्ध गड्ढे और पेड़ पर लटके बिजली के तारों के टुकड़े मिले। इन सुरागों ने पुलिस की जांच को एक नई दिशा दी। शिकार के लिए बिछाए गए तार की चपेट में आया किसान, मौत पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देश पर पुलिस ने खेत मालिक विजय सिंह गोंड और उसके साथी छुट्टू और खड़ई पटेल को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने जंगली जानवरों के शिकार के लिए नंगे तारों में बिजली का करंट फैलाया था, जिसकी चपेट में इंद्रेश यादव आ गए और उनकी मौत हो गई।
आरोपियों ने पत्थरों से बांधकर शव को नदी में फेंका पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने इंद्रेश के शव को कंबल में लपेटा और बघने नदी ले गए। शव पानी के ऊपर न आए, इसके लिए उन्होंने उसे पत्थरों से बांधकर नदी के गहरे पानी में डुबो दिया। थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव और उनकी टीम ने गहन तलाशी अभियान के बाद नदी से इंद्रेश का शव बरामद किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से बिजली के तार और एक अवैध बंदूक भी जब्त की है। पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
आज शनिवार को पुलिस ने आरोपी विजय सिंह, छुट्टू पटेल और खड़ई पटेल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस सनसनीखेज खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।पु लिस ने अपील की है की जंगलों या खेतों के पास बिछाए गए अवैध बिजली के तार जानलेवा हो सकते हैं। यदि आपको कहीं भी ऐसी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।


