गरियाबंद जिले में उफनते नाले को पार कर शिक्षक के स्कूल जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ट्यूब के सहारे बाकड़ी पैरी नाला को पार कर शिक्षक बोडापाल और जारहीडीह स्कूल पढ़ाने जाते हैं। पुल नहीं होने की वजह से बरसात के मौसम में अक्सर ऐसी स्थिति देखने को मिलती है। वीडियो गुरुवार का बताया जा रहा है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में पिछले सात दिनों में सामान्य से लगभग 73% कम बारिश हुई है। सामान्य तौर पर 1 से 7 अगस्त के बीच 94.2MM पानी बरस जाना चाहिए था। लेकिन अब तक केवल 25.4MM पानी ही बरसा है। पिछले 48 घंटे में जरूर रायपुर, राजिम, कुसमी, नारायणपुर, पाटन में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। मौसम विभाग की माने तो कंडीशन में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। शुक्रवार को भी प्रदेश के सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, धमतरी, बालोद, कांकेर, बीजापुर सहित 15 जिलों में तेज हवा चलने, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है। भारी बारिश के लिए किसी जिले में अलर्ट जारी नहीं किया गया है। बलरामपुर में सबसे ज्यादा बारिश, बेमेतरा में सबसे कम 1 जून से अब तक 652.5 मिमी बारिश हो चुकी है। बलरामपुर जिले में सबसे ज्यादा 1066.2 मिमी वर्षा हुई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 327.9 मिमी पानी बरसा है। जून से जुलाई के बीच 623.1 MM मिलीमीटर बारिश प्रदेश में 1 जून से 30 जुलाई तक कुल 623.1 MM मिमी बारिश हुई। जबकि 558MM के करीब होनी चाहिए थी। यानी एक्चुअल से 12 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। वहीं सिर्फ जुलाई महीने की बात करें तो कुल 453.5 मिमी बारिश हुई है। पिछले 10 सालों में सिर्फ 2 बार ही जुलाई में बारिश का आंकड़ा 400MM पार हुआ है। 2023 में जुलाई माह में प्रदेश में सबसे ज्यादा 566.8MM पानी बरसा था। इससे पहले 2016 में 463.3MM पानी गिरा था। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ


