शिक्षक चयन परीक्षा में संविदाकर्मी आरक्षण का मामला:40 संविदा कर्मचारी जाएंगे हाईकोर्ट, अगले सप्ताह दाखिल करेंगे याचिका

मध्य प्रदेश में शिक्षक चयन परीक्षा में आरक्षण न मिलने से नाराज 40 संविदा कर्मचारियों ने न्यायिक मार्ग अपनाने का निर्णय लिया है। इन कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर ली है, जो अगले सप्ताह प्रस्तुत की जाएगी। आरक्षण का लाभ न मिलने से करीब 20 हजार संविदाकर्मी चयन परीक्षा का फार्म भरने से वंचित हो गए हैं। प्रदेश में 1 लाख 50 हजार संविदा कर्मी हैं। संविदा कर्मचारियों का कहना है कि शिक्षक चयन परीक्षा में उन्हें 50% आरक्षण और आयुसीमा में 5 साल की छूट का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जो उनके अधिकारों का उल्लंघन है। मामला सामने आने के बाद भी सरकार और जिम्मेदार विभाग कोई समाधान नहीं निकल रहे हैं। अब वे न्यायालय से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। याचिका में संविदा कर्मचारियों की मुख्य मांग होगी कि उन्हें भी नियमित भर्ती प्रक्रिया में संविदा नीति 2023 के अंतर्गत 50% आरक्षण और आयुसीमा में 5 साल की छूट का लाभ मिले। ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके और उनके वर्षों के अनुभव का सम्मान हो। यह मामला राज्य के शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हजारों संविदा कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा है। उल्लेखनीय है कि 20 मार्च से प्रारंभ होने वाली प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा में संविदा कर्मचारियों को आरक्षण और आयुसीमा में छूट का लाभ नहीं दिया गया है। दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने 5 जून 2018 की संविदा नीति को आधार बनाकर नियम बना दिए। जबकि संविदा नीति 2023 में संविदाकर्मियों को 50% आरक्षण और आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का प्रावधान है। संविदा नीति 2023 में जून-जुलाई 2018 और जुलाई 2020 के नियमों को खत्म कर दिया गया है। 2018 की नीति में भी संविदा कर्मियों को 20% आरक्षण देने का प्रावधान है, पर स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी कहते हैं कि उन्होंने शिक्षक चयन परीक्षा के लिए सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से इस प्रावधान से छूट ले ली है। इससे पहले इस परीक्षा में ईडब्ल्यूएस (कमजोर आय वर्ग) के अभ्यर्थियों की अनदेखी का मामला सामने आ चुका है। मामले में हाईकोर्ट ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट देने के निर्देश दिए हैं। जीएडी दे चुका है सफाई मामले में सामान्य प्रशासन विभाग भी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। विभाग ने सूचना के अधिकार के तहत दी जानकारी में कहा है कि उनकी ओर से संविदा नीति 2018 के आरक्षण के प्रावधान में कोई छूट नहीं दी है। अब कौन झूठ बोल रहा है, यह तो दोनों विभाग के अधिकारी जानें। विधानसभा में कई प्रश्न लगे शिक्षक चयन परीक्षा में संविदा कर्मचारियों को आरक्षण एवं आयुसीमा में छूट का लाभ नहीं देने को लेकर कई विधायकों ने विधानसभा प्रश्न लगा दिए हैं। इन प्रश्नों का उत्तर सरकार बजट सत्र में देगी। हालांकि, तब तक परीक्षा शुरू हो चुकी होगी।

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