शिक्षक ने भाई के साथ मिलकर 1.42 करोड़ ठगे:बलौदाबाजार में शेयर बाजार में निवेश का झांसा, कहा-2 साल में डबल मुनाफा, दोनों गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में सरकारी शिक्षक और उसके भाई ने मिलकर शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी की। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी दो साल में पैसा दोगुना करके लौटाने का झांसा देते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब थाना कसडोल में आरोपियों के खिलाफ दो लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने अपने परिवार के सदस्यों की मदद से एक पूरा फर्जी नेटवर्क तैयार किया था, जिसकी मदद से उन्होंने कसडोल, लवन, गिधौरी, महासमुंद, शिवरीनारायण और रायगढ़ जैसे क्षेत्रों के कई लोगों को निशाना बना चुके हैं। ऐसे पता चली ठगों की करतूत कसडोल थाने में कटगी निवासी गोपाल प्रसाद देवांगन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी ग्राम कटगी बस स्टैंड में एल्युमिनियम स्टील वर्कशॉप की दुकान है। 25 अगस्त 2023 को ग्राम महकम निवासी रामनारायण साहू से रेलिंग के काम के सिलसिले में उनकी पहचान हुई। इसके बाद रामनारायण और उसके साथियों ने गोपाल को शेयर मार्केट में निवेश कर दो साल के भीतर दोगुना रिटर्न का झांसा दिया। इस झांसे में आकर गोपाल ने अलग-अलग तारीखों में नकद, फोन-पे और अन्य माध्यमों से कुल 19,43,000 रुपए आरोपियों को दे दिए। दोनों ने कई जिलों में 1.42 करोड़ की धोखाधड़ी की वहीं, रामनारायण ने इसी तरह गोपाल प्रसाद देवांगन के दोस्त राजेश कुमार देवांगन और अनिल कुमार प्रजापति को भी शेयर मार्केट में पैसा लगाने पर दो साल में रकम दोगुनी कर लौटाने का झांसा दिया। विश्वास में लेकर आरोपियों ने इनसे भी मोटी रकम हड़प ली। इस पूरे मामले में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर कुल 40 लाख 82 हजार रुपए की ठगी कर ली। साल 2024 में भी आरोपियों ने इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया था। उन्होंने राजकुमार यदु से भी शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 82 लाख रुपए की ठगी की थी। जांच टीम ने दोनों आरोपियों को पकड़ा इसके बाद आरोपियों को पकड़ने जांच टीम बनाई गई। टीम ने फौरन कार्रवाई करते हुए आरोपी रामनारायण साहू और उसके भाई हेमंत साहू को गिरफ्तार कर लिया है। टीम दोनों आरोपियों के बैंक खातों और संपत्ति की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपी रामनारायण खुद को विभिन्न संस्थाओं जैसे कि एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया, दिल्ली जर्नलिज्म एंड इन्वेस्टिगेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट और भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा से जुड़ा बताता था। ठगी की गई राशि को वह अलग-अलग फर्जी संस्थाओं के नाम पर निवेश करता था। आरोपियों के खिलाफ कसडोल और मंदिर हसौद थाने में धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *