शिक्षामित्रों को जल्द मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा:लखनऊ में बेसिक शिक्षा मंत्री ने मानदेय को लेकर दिया भरोसा

सरकार जल्द ही शिक्षामित्रों को केशलैस इलाज और बढ़ा हुआ मानदेय देगी। उनकी लंबित मांगों को बहुत जल्द निस्तारित किया जाएगा। सरकार उनके हित से जुड़े कई अन्य जरूरी फैसले भी बहुत जल्द लेगी। यह कहना है बेसिक शिक्षामंत्री संदीप सिंह का। वो मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के विश्वसरैया सभागार में आयोजित प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रान्तीय सम्मेलन में बोल रहे थे। इस दौरान शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों ने बेसिक शिक्षा मंत्री का स्वागत किया। सभी ने प्रदेश सरकार के शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों को केशलैस चिकित्सा में शामिल करने एवं शिक्षामित्र को मूल विद्यालय वापसी की कार्रवाई शुरू किए जाने पर शिक्षामंत्री का स्वागत कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद ज्ञापित किया। सम्मेलन में मौजूद एमएलसी शिक्षक क्षेत्र मेरठ सहारनपुर एवं प्रदेश संयोजक शिक्षक प्रकोष्ठ भाजपा श्रीचंद शर्मा, एमएलसी शिक्षक प्रकोष्ठ लखनऊ उमेश द्विवेदी, मएलसी प्रयागराज झांसी शिक्षक प्रकोष्ठ बाबूलाल तिवारी एवं एमएलसी आगरा अलीगढ़ स्नातक क्षेत्र के मानवेंद सिंह गुरु ने शिक्षामित्रों का समर्थन किया। 10 हजार में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला और प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव ने कहा कि शिक्षामित्र और अनुदेशक किसान एवं गरीब बच्चों को पढ़ा रहे हैं। सरकार शिक्षामित्रों को सिर्फ 10 हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से 11 माह का मानदेय देती है। इसमें परिवार का खर्च चलाना काफी मुश्किल है। बहुत से शिक्षामित्र स्नातक के साथ बीटीसी उत्तीर्ण हैं। करीब 60 हजार शिक्षामित्र टीईटी और सीटीईटी उत्तीर्ण हैं। एनसीटीई के मानक पूरा करने वाले शिक्षामित्र शिक्षक बनने की योग्यता रखते हैं। इस मौके पर संगठन के प्रदेश संयोजक पुनीत चौधरी, भूपेंद सिंह,विमलेश पटेल, अनिल यादव, मुन्नू निषाद, प्रवीण श्रीवास्तव, चरण सिंह, खुर्शीद अहमद,गिरीश यादव, अमित शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे। यह हैं प्रमुख मांगें

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