शिक्षा नीति पर 100 से अधिक शोध पत्र पेश:400 से अधिक प्रोफेसर और शोधार्थी ऑफलाइन-ऑनलाइन मोड में हुए शामिल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लेकर गवर्नमेंट कॉलेज करौली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हो गया। इसमें 400 से अधिक प्रोफेसर और शोधार्थी ऑफलाइन और ऑनलाइन मोड में शामिल हुए। दो दिवसीय संगोष्ठी में सौ से अधिक शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सुधार को लेकर भी अपने-अपने सुझाव दिए। संगोष्ठी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निर्माण से जुड़े रहे कई प्रोफेसर भी शामिल हुए। कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर प्रीतम मीणा ने बताया कि दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में करौली के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल ब्लॉक करौली के राज्य स्तरीय पुरस्कृत व्याख्याता अमित कुमार शर्मा द्वारा ‘स्टेम एजुकेशन कोर ऑफ एनईपी 2020’ विषय पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया। यहां गौरतलब है कि 34 वर्षों बाद लागू की गई है नई शिक्षा नीति में छात्रों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने एवं सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्धता पर पूर्ण जोर दिया गया है। ऐसे में करौली परिक्षेत्र में छात्र-छात्राओं के लिए अटल इनोवेशन मिशन एवं स्टेम एजुकेशन जैसे विषयों पर शोध विश्लेषण अत्यावश्यक है। यह शोध कार्य अनेक शिक्षाविदों द्वारा प्रस्तुत सर्वश्रेष्ठ शोध कार्यों में से चुना गया एवं शोधार्थी अमित को आयोजन समिति द्वारा सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर करौली मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर रमेश मीणा ने कहा कि इस तरह के आयोजन शिक्षा में सुधार के साथ ही नई सोच को भी विकसित करने में मदद करते हैं। इस अवसर पर कॉलेज प्रिंसिपल विश्राम मीणा, प्रोफेसर विनोद शंकर, राम लखन, राम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

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