चित्तौड़गढ़ में शिक्षा विभाग का एक अजीबों-गरीब मामला सामने आया है। 8 साल पहले लगाया गया जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) कार्यालय के बोर्ड का आज तक भुगतान नहीं किया गया। बार-बार भुगतान की मांग करने पर अधिकारी ने ठेकेदार को बोर्ड उतराने की बात तक कह दी। अधिकारी के इस रवैए से नाराज होकर ठेकेदार आज मंगलवार को साइन बोर्ड को खोलने के लिए मौके पर पहुंच गया। मौके पर जमा भीड़ और मीडिया को देखकर जिला शिक्षा अधिकारी ने एक महीने के अंदर पेमेंट करवाने का आश्वासन दिया। साल 2017 से बकाया है पेमेंट साल 2017 में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) ओम शर्मा ने ऑफिस के लिए एक बोर्ड बनवाया था। इस बोर्ड को 31000 रुपए में बनवाया गया था। उसके बाद अधिकारी बदलते गए लेकिन ठेकेदार बशीर मोहम्मद को भुगतान नहीं हुआ। 8 साल से ठेकेदार अपने 31 हजार रुपयों की लिए लगातार चक्कर लगाता रहा। साल 2020 में जिला शिक्षा अधिकारी रही कल्याणी दीक्षित ने सारे पेपर वर्क पूरे करवाए और राजस्थान शिक्षा विभाग निदेशालय कार्यालय, बीकानेर प्रस्ताव भेजा गया। बशीर मोहम्मद ने बताया कि काम पूरा भी हो जाता लेकिन कल्याणी दीक्षित का प्रमोशन हो गया और उसके बाद उनका रिटायरमेंट भी हो गया। जिसके बाद फिर एक बार मामला अटक गया। बोर्ड उतारने को कहा अधिकारी ने ठेकेदार बशीर मोहम्मद ने कहा कि 6 महीने पहले ही जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा से इस बारे में बात की तो उन्होंने गुस्से में आकर बोर्ड उतारने की भी बात कह दी। बशीर मोहम्मद ने कहा कि 26 जनवरी आने वाली है। इससे पहले अगर पेमेंट हो जाए तो अच्छा रहेगा, यह सोचकर दुबारा ऑफिस आया। लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी पेमेंट करने के पक्ष में नहीं दिखे। इससे नाराज होकर ठेकेदार ने बोर्ड खोलना शुरू किया। एक महीने का दिया आश्वासन बोर्ड खोलते देखकर मौके पर भीड़ जमा हो गई और मीडिया भी पहुंच गए। भीड़ को देखकर एकबारगी अधिकारी भी चौंक गए। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक राजेंद्र शर्मा ने बशीर मोहम्मद को ऑफिस के अंदर बुलाकर एक महीने का समय मांगा। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि दुबारा निदेशालय कार्यालय बीकानेर प्रस्ताव भेजा जाएगा और उनका पेमेंट दिलवा दिया जाएगा। आश्वासन के बाद ठेकेदार भी बिना बोर्ड उतारे वापस चले गए।


