हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ढली में आज (गुरुवार को) निर्माणाधीन फोरलेन का बड़ा डंगा भरभराकर गिर गया। ढली के लिंडीधार में फोरलेन के लिए लगाया गया 20 से 25 फीट ऊंचा डंगा 5 से 7 सेकेंड में ढह गया। इससे एक मकान को खतरा पैदा हो गया है। वहीं स्थानीय व्यक्ति के सेब के कई पेड़ों को भी इससे नुकसान पहुंचा है। बता दें कि, चंडीगढ़ से शिमला के ढली तक फोरलेन निर्माण का काम चल रहा है। फोरलेन के तीसरे चरण में हो रहे काम में ज्यादातर जगह ऊंचे-ऊंचे डंगे लगाए जा रहे हैं। ढली में भी काफी ऊंचा डंगा कुछ समय पहले ही लगाया गया था। फोरलेन बनने से पहले ही यह गिर गया है। इससे फोरलेन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। दो भाईयों का मकान चंद सेकेंड में ढहा उधर, मंडी के गोहर के तलवाड़ा में आज दो भाइ झाबे राम और टहल दास का पुश्तैनी मकान चंद सेकेंड में ढह गया। 6 कमरों के मकान से दोनों भाई कुछ भी सामान बाहर नहीं निकाल सके। घर का आंगन में लैंडस्लाइड के बाद क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद परिवार घर से बाहर निकल गया था। मगर सामान कुछ भी नहीं निकाल पाया। इसमें 10 से 11 बकरियां भी बह गई। मंडी में 2 शव बरामद वहीं, मंडी जिले में आज 2 और शव बरामद किए गए। इसके बाद मृतकों का आंकड़ा 13 पहुंच गया है। जबकि 29 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों की संख्या में अभी इजाफा होगा, क्योंकि सराज विधानसभा में 80 फीसदी से ज्यादा सड़कें व रास्ते टूटने की वजह से कई क्षेत्रों में रेस्क्यू टीम नहीं पहुंच पाई हैं। उधर, मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, शिमला, सोलन व सिरमौर जिला में अगले 24 घंटे तक फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है। वहीं अगले 2 दिन बाद फिर से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 5 जुलाई को 3 जिले और 6 जुलाई को 6 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। आज और कल भी पांच जिलों में यलो अलर्ट दिया गया है। थुनाग में सबसे अधिक तबाही मंडी का थुनाग बाजार 60 प्रतिशत से अधिक खत्म चुका है। यहां 2023 से भी ज्यादा नुकसान हुआ है। थुनाग में तीन अलग-अलग नालों का पानी बाजार में इकट्ठा मिलने के बाद नुकसान का कारण बना। कई घर और दुकानें फ्लैश फ्लड में बह गईं। मंडी जिला के अलग-अलग क्षेत्रों में सोमवार रात 12 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे के बीच 15 जगह बादल फटा। इनमें 11 जगह बादल फटने की घटनाएं अकेले सराज विधानसभा क्षेत्र में पेश आई हैं। इससे 168 घर टूट चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष एवं सराज के विधायक जयराम ठाकुर ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के बाद कहा, पखरैर पंचायत, डैजी और थुनाग क्षेत्र में ही 350 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। इन जगह पर 25 से ज्यादा लोग लापता हैं। पूरे विधानसभा क्षेत्र में इससे भी ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने की मांग की है। कई क्षेत्रों में तीसरे दिन भी नहीं पहुंच पाई रेस्क्यू टीमें सराज विधानसभा में अभी बड़ी संख्या में ऐसे गांव बताए जा रहे हैं, जहां रेस्क्यू टीमें नहीं पहुंच पाई। जाहिर है कि आने वाले एक दो दिनों में क्षतिग्रस्त घरों और लापता लोगों का आंकड़ा अभी और बढ़ेगा। पूरे प्रदेश में अब तक मानसून में जितना नुकसान हुआ है, उससे कही ज्यादा अकेले सराज विधानसभा में हो चुका है। हेलिकॉप्टर से पहुंचाई जा रही खाद्य सामग्री क्षेत्र की सड़कें अवरुद्ध होने के बाद आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर से खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। चिंता इस बात है कि 80 से ज्यादा गांव में दो दिन से बिजली बहाल नहीं हो पाई। पेयजल लाइनें बाढ़ में बहने की वजह से लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा। सराज के इन क्षेत्रों में भारी नुकसान सराज विधानससभा के जंजैहली, बगशयाड़, ढींम, कटारू, केवली नाल, जंजैहली के नवनिर्मित बस स्टेंड, बेवड़, रेल चौक, जरोल, बगशयाड़, बोड़ीधार और कुथाह में भारी नुकसान है। थुनाग बाजार में खड्ड के साथ लगती 60 प्रतिशत से ज्यादा दुकानें बाढ़ में बह गई हैं। 370 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया SDMA के अनुसार, 370 लोग सुरक्षित रेस्क्यू किए गए है। अब तक 104 गोशालाएं, 162 पशु, 31 वाहन, 14 पुल, 1 पावर प्रोजेक्ट फ्लैश फ्लड में बह गया है। सोलंग नाला की स्नो गैलरी के पास फ्लैश फ्लड वहीं मनाली के सोलंग नाला में स्नो-गैलरी के पास बीती रात 12 बजे फ्लैश फ्लड आ गया। इससे मनाली को केलांग से जोड़ने वाला हाईवे वाहनों के लिए पूरी तरह बंद हो गया है। BRO की टीम सड़क की बहाली में जुटी हुई है।


