शिमला में CPIM का प्रदर्शन:बस किराया और ईंधन दरों पर डीसी ऑफिस के बाहर धरना, बोले- निजी ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाना चाहती सरकार

केंद्र सरकार द्वारा गैस के दामों में बढ़ोतरी और प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम किराए में बढ़ोतरी के खिलाफ CPIM ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सीपीआईएम लोकल कमेटी ने महंगाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जिलाधीश ऑफिस के बाहर राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। CPIM क्षेत्रीय कमेटी सचिव जगत राम ने कहा कि राज्य सरकार ने बसों का न्यूनतम किराया 5 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाए की चहेते निजी बस ऑपरेटरों फायदा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। वहीं उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भी घरेलू रसोई गैस के दामों में 50 रुपए और पेट्रोल-डीजल में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। आम जनता व गरीबों पर आर्थिक बोझ डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन वृद्धियों को तुरन्त वापस लेने की मांग की है। निजी बस ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने के लिए किराया दोगुना
CPIM नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने के लिए न्यूनतम किराया दोगुना किया गया है। वहीं उन्होंने कहा सरकार इसके साथ ही पानी और गार्बेज बिलों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वहीं प्रदेश के अस्पतालों में टेस्ट के लिए नए शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है। जगत राम ने कहा कि सरकार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करें अन्यथा सीपीएम आने वाले समय प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। सीपीआईएम नेताओं ने केंद्र सरकार पर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों से आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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