शिवपुरी कलेक्टर की कार के सामने लेटे आदिवासी:किश्त नहीं मिलने से नाराज 57 परिवार; बोले- सचिव ने 10-10 हजार रुपए रिश्वत ली

शिवपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार देर शाम हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों के 57 आदिवासी परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर की कार को रोक लिया और उसके सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कलेक्टर उनकी सुनवाई नहीं करेंगे, वे कलेक्ट्रेट परिसर से नहीं हटेंगे, चाहे रात वहीं गुजारनी पड़े। ग्राम पंचायत बम्हारी के ग्राम बरखाड़ी से आए 27 परिवारों ने पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ‘जनमन आवास योजना’ की किश्त जारी करने के बदले सचिव रायसिंह ने हर परिवार से 10-10 हजार रुपए रिश्वत ली। इसके बावजूद खाते में तय 2 लाख की जगह सिर्फ 1 लाख 75 हजार रुपए ही आए। जब बाकी पैसे मांगे, तो सचिव ने साफ इनकार कर दिया। 25 साल से रह रहे, बिजली-पानी मिला पर आवास नहीं दूसरी तरफ, ग्राम पंचायत करई अहमदपुर के मजरा शंकरपुर से आए 30 आदिवासी परिवारों की समस्या अलग है। उनका कहना है कि वे 25 साल से वहां रह रहे हैं और वोट भी देते हैं। गांव में सरकारी हैंडपंप और बिजली तो है, लेकिन उन्हें कुटीर (आवास) नहीं दी जा रही। सचिव यह कहकर लौटा देता है कि इस जगह पर कुटीर नहीं मिलेगी। कलेक्टर खुद सुनवाई करें, तब तक नहीं हटेंगे नाराज आदिवासी महिलाओं और पुरुषों ने कलेक्ट्रेट में डेरा डाल दिया है। उनका कहना है कि अधिकारियों के चक्कर काटकर वे थक चुके हैं। अब जब तक कलेक्टर खुद आकर मामले में हस्तक्षेप नहीं करते और समस्या का समाधान नहीं करते, तब तक धरना खत्म नहीं होगा।

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