शिवपुरी के भड़ावावड़ी गांव के चार आदिवासी मजदूरों को गुजरात के हिम्मतनगर मार्वल फैक्ट्री में बंधुआ मजदूर बना लिया गया था। उन्हें पुलिस और प्रशासन की मदद से आजाद करवा लिया गया है। चारों मजदूर मंगलवार रात गुजरात से शिवपुरी अपने गांव सुरक्षित पहुंच गए। बच्चों को सुरक्षित देख उनकी मां भावुक हो उठीं। जानकारी के अनुसार सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के एरावन गांव का रहने वाला लेबर दलाल अनूप राजपूत उर्फ सुशील ने 19 नवंबर को भड़ावावड़ी गांव के गौतम आदिवासी, सुनील आदिवासी, अवनेश आदिवासी और बल्ले आदिवासी को 20-20 हजार रुपए मासिक वेतन, खाना और रहने की सुविधा का झांसा देकर गुजरात भेजा था। मोबाइल छीनकर बनाया था बंधुआ
करीब 15 दिन पहले जनसुनवाई में कलेक्टर और एसपी से इन मजदूरों के परिवारों ने शिकायत की थी कि उनके मोबाइल छीनकर उन्हें बंधुआ मजदूर बना लिया गया है। इसके बाद परिवार ने सहरिया क्रांति के संयोजक संजय बेचैन से मदद की अपील की। चारों मजदूर सुरक्षित घर लौटे
एसपी अमन सिंह राठौड़ और कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने मामले को गंभीरता से लिया और एसपी ने सुरवाया थाना प्रभारी अरविंद छारी को निर्देश दिए कि मजदूरों को सुरक्षित वापस लाया जाए। इसके बाद सुरवाया थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों मजदूरों की घर वापसी करवाई।


