शिवपुरी शहर के वार्ड क्रमांक 38 स्थित शिवशक्ति नगर में रहने वाले करीब 50 परिवार गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत कई बार नगर पालिका और वार्ड पार्षद से की, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। इंदौर में हाल ही में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद क्षेत्र के लोग डरे हुए हैं और बीमारी फैलने का खतरा महसूस कर रहे हैं। नाली के अंदर से डाली गई पाइपलाइन
स्थानीय निवासी शरद कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी गली में नगर पालिका के एक बोरवेल से पानी की सप्लाई होती है। करीब 50 घरों तक जाने वाली पाइपलाइन नाली के अंदर से डाली गई है। समय के साथ यह पाइपलाइन कई जगह से टूट गई है। इसी कारण नाली का गंदा पानी पाइप में मिलकर घरों तक पहुंच रहा है। रहवासियों के अनुसार, जब पानी की सप्लाई शुरू होती है तो पहले कुछ मिनट तक गंदा और बदबूदार पानी आता है। इसके बाद ही थोड़ा साफ पानी मिल पाता है। इस स्थिति में लोग मजबूरी में वही पानी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
शरद कुमार शर्मा का कहना है कि पाइपलाइन को नाली से बाहर निकालकर नई लाइन डलवाने की मांग को लेकर नगर पालिका में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्होंने दो बार सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने शिकायत को गलत तरीके से बंद करवा दिया। फिलहाल समस्या जस की तस बनी हुई है और शिवशक्ति नगर के दर्जनों परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।


