जनजाति बहुल डूंगरपुर जिले में बाल सेहत के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रहे वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डा. गौरव यादव को प्रतिष्ठित एफआईएपी अवॉर्ड से नवाजा गया है। डॉ. गौरव को यह अवॉर्ड पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुए राष्ट्रीय बाल रोग सम्मेलन में दिया गया। भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी (आईएपी) की अध्यक्षा डॉ. नीलम मोहन ने उन्हें सम्मानित किया। डॉ. गौरव यादव पिछले डेढ़ दशक से डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सेवाएं दे रहे है। समय-समय पर डा. गौरव ने शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, रोग मुक्त जीवन और क्रिटिकल केसेज में किल-कारियों को संबल देकर विशिष्ट पहचान कायम की है। डूंगरपुर जिले के दामन से कुपोषण की कालिख हटाने डॉ. यादव के प्रयास प्रभावी रहें। जनजाति अंचल के आदिवासी बच्चों में कुपोषण की रोकथाम, पोषण एवं पल्लवन के लिए उन्होंने विशेष एवं प्रभावी प्रयास किए। कुपोषण के जड़ से उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयासरत रहे और जागरूकता अभियान, नवजात शिशुओं की देखभाल तथा ग्रामीण क्षेत्र में सुलभ चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने वे अग्रणी रहे। उनके द्वारा आयोजित नि:शुल्क बाल स्वास्थ्य शिविरों एवं सामाजिक सेवा गतिविधियों की भी राष्ट्रीय मंच पर विशेष सराहना की गई। वागड़ क्षेत्र से डॉ. गौरव यादव पहले ऐसे शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक है। जिन्हें यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिला है। डा. गौरव को अवॉर्ड से नवाजे जाने पर समूचे दक्षिणांचल में हर्ष की लहर है। देशभर के 37 डॉक्टरों को मिला सम्मान
कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की नेशनल पीडियाट्रिक्स कांफ्रेंस में देशभर के 37 डाक्टर्स को सम्मानित किया गया। डूंगरपुर के लिए गौरव का विषय है कि राजस्थान से केवल मात्र डॉ. गौरव का चयन इस अवॉर्ड के लिए किया गया। संभाग के इन डॉक्टरों को मिल चुका है सम्मान
उदयपुर संभाग से यह प्रतिष्ठित सम्मान पूर्व में डॉ. बी. भंडारी, डॉ. आर.के. अग्रवाल, डॉ. देवेंद्र सरीन, डॉ. सुरेश गोयल, डॉ. लाखन पोसवाल, डॉ. आर.एल. सुमन एवं डॉ. जय सिंह को मिला है। इस अवसर पर अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वसंत खालतकर, अध्यक्ष निर्वाचित डॉ. एम. सिंगारुवेलु, महासचिव डा. रुचिरा महेश्वरी, उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र सरीन, साथ ही आईएपी के कोषाध्यक्ष डॉ. आलोक भंडारी, डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. संदीप त्रिवेदी एवं डॉ. अरकला भास्कर की उपस्थिति रही। राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान से नवाजे गए डॉ. गौरव यादव ने इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, धर्मपत्नी रितु यादव, बेटे शाश्वत एवं दैदीप्य के साथ डूंगरपुर जिले की अवाम, नौनिहालों को दिया है।


