शीतलहर का सितम:जमने लगी ओस, पाले की मार से किसानों की बढ़ी धड़कनें, शनिवार की बारिश के बाद रविवार को ‘कोल्ड डे’ जैसे हालात, पाइपों और फसलों

शेखावाटी अंचल में मौसम के बदले मिजाज ने जनजीवन को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। शनिवार को हुई मावट (बारिश) के बाद रविवार को जिले में कड़ाके की ठंड और तीखी शीतलहर चली। म आलम यह रहा कि अलसुबह खेतों में फसलों और सिंचाई के पाइपों पर जमी बर्फ (पाळा) ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने रविवार के लिए शीतलहर का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था, जिससे फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही। तापमान में भारी गिरावट 3.2 डिग्री तक लुढ़का पारा पिलानी मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार रात के 12.5 डिग्री से गिरकर मात्र 3.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया (9.3 डिग्री की भारी गिरावट) दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 18 डिग्री से घटकर 15.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से बर्फीली हवाएं चल रही है। लोग घरों के भीतर भी ठिठुरते नजर आए। खेतों में ‘सफेद आफत’: फसलों पर पाले का खतरा अलसीसर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार की बारिश से जहां पहले किसानों के चेहरे खिले थे, वहीं अब पाला जमने से फसलों के बर्बाद होने का डर सताने लगा है। सरसों, गेहूं, जौ और चने की फसलों पर ओस की बूंदें बर्फ बन गई हैं। कृषि जानकारों का मानना है कि यदि आगामी 48 घंटों तक यही स्थिति रही और लगातार तीन दिन पाळा जमा, तो रबी की फसलों को भारी नुकसान होना तय है।

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