शाजापुर में पिछले तीन दिनों से शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। रात के साथ-साथ दिन में भी ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे नगरवासी ठिठुर रहे हैं। इस स्थिति के कारण किसानों में फसलों पर पाले के खतरे को लेकर चिंता बनी हुई है। जिले में इस साल अल्पवर्षा के कारण कई किसानों ने गेहूं के बजाय चना बोया है। चना और आलू जैसी फसलें पाले के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जब तापमान 4 डिग्री के आसपास पहुंचता है, तो फसलों पर पाला जमने लगता है, जिससे पौधों की नमी खत्म हो जाती है। यदि तापमान में और गिरावट आती है, तो किसानों को नुकसान हो सकता है। शीतलहर के कारण लोग दिन-रात अलाव ताप रहे है रविवार रात को शाजापुर में न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री रहा। पिछले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके बावजूद, शीतलहर के कारण लोग दिन-रात अलाव और गर्म कपड़ों का उपयोग कर रहे हैं। विशेषज्ञ बोले-तापमान में और गिरावट की संभावना नहीं मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि राहत की बात यह है कि अब तापमान में और गिरावट की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी, जिससे पाले की आशंका कम हो सकती है। तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री, शनिवार को 6.1 डिग्री और रविवार को 7.3 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार रात को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री या उससे अधिक रहने की संभावना है। तापमान में इस बढ़ोतरी से लोगों को सर्दी से राहत मिलने के साथ-साथ किसानों को भी पाले की चिंता से कुछ हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।


