शीतलहर से जनजीवन ही नहीं, फसलें भी प्रभावित हैं। इसीलिए किसानों ने पाले की आशंका के चलते अनार और सब्जियों की फसलों को बचाने के लिए जतन करने शुरू कर दिए हैं। फतेहगढ़ के पास एक खेत में करीब 10 हजार अनार के पौधों पर सफेद चादर ओढ़ाई है। दोहरा फायदा: किसानों के अनुसार चादर ओढ़ाने से एक तो पौधों का सर्दी से बचाव होता है, साथ ही इनके फलों को पक्षी भी खराब नहीं कर पाते हैं। यहां काछबदान पुत्र आवड़दान ने 80 बीघा जमीन पर करीब 10 हजार अनार के पौधे लगाए हैं। इनको जाली डाल कर ढका गया है। क्योंकि… बाड़मेर में पिछले तीन दिन से शीतलहर का प्रकोप जारी है। इससे अनार को बचाया न जाए तो फल का आकार उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ता है। धूप की कमी से पेड़ों को भी बढ़ने में दिक्कत आती है। उम्मीद है कि इस साल बाड़मेर में अनार का उत्पादन पिछले वर्ष से अधिक होगा।


