शुक्रास्त और खरमास का असर:मौसम में बदलाव तय, 2 फरवरी से फिर शुरू होंगी शादियां; फरवरी–मार्च में इन तिथियों पर बन रहे शुभ मुहूर्त

13 दिसंबर की रात 2:06 मिनट पर शुक्र ग्रह पूर्व दिशा में अस्त हो रहा हैं। फिल्म, कला, दांपत्य सुख और मनोरंजन के कारक माने जाने वाले शुक्र के अस्त होने से विवाह सहित सभी मंगल कार्यों पर रोक लग जाएगी। ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के पंचांग कार पंडित विनोद गौतम के अनुसार शुक्रास्त और खरमास के चलते लंबे समय तक शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। फरवरी 2026 में ही विवाह के मुहूर्त दोबारा शुरू होंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान शुक्र दो ‘अंगारक’ ग्रह—सूर्य और मंगल की चपेट में रहेगा, जिससे त्रिग्रही योग बनेगा। यह स्थिति फिल्म और कला जगत के लिए भारी मानी जा रही है। वहीं शुक्रास्त से मौसम में भी बदलाव आएगा। शहर में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के योग बनेंगे, जिससे ठंड में कमी दर्ज हो सकती है। 20 दिसंबर से बड़े बदलावों के संकेत
20 दिसंबर को शुक्र के धनु राशि में प्रवेश करते ही देश-विदेश में बदलाव पूर्ण स्थितियां बनने लगेंगी। सूर्य और मंगल के साथ शुक्र की युति सैन्य क्षेत्र में हलचल बढ़ा सकती है। पंडित गौतम के अनुसार यह योग कई जगह सैन्य कार्रवाई के संकेत देता है। इसके अलावा भूकम्प जैसे प्राकृतिक प्रकोप की आशंका भी बनती है। विवाह मुहूर्त फरवरी–मार्च 2026 में
शुक्र 2 फरवरी 2026 को पश्चिम दिशा में उदित होगा, जिसके बाद विवाह के शुभ मुहूर्त दोबारा शुरू होंगे। फरवरी 2026 में विवाह के मुहूर्त 4, 5, 6, 10, 11, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी हैं, वहीं मार्च 2026 में 9, 10, 11, 12 और 14 मार्च रहेगा। इसके बाद मीन संक्रांति के प्रभाव से विवाह एक माह तक फिर बंद रहेंगे। विवाह का अगला सिलसिला 15 अप्रैल 2026 से दोबारा शुरू होगा। पंचांग कार पंडित विनोद गौतम ने बताया कि इस अवधि में लोग पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक कार्य सहजता से कर सकते हैं, लेकिन विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मंगल कार्यों के लिए फरवरी तक इंतजार करना होगा।

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