अयोध्या बायपास की पहचान सड़कों के दोनों ओर खड़े हरे-भरे बड़े पेड़ों से रही है। गर्मी में छांव देने वाले 7851 पेड़ों में से निगम ने करीब 1500 पेड़ काट दिए। हालांकि, 22 दिसंबर के एनजीटी के आदेश से 6371 पेड़ फिलहाल कटने से बच गए। लाल निशान लगे कई पेड़ अब भी खड़े हैं। कुछ की मार्किंग नहीं की गई है। नगर निगम ने दो दिनों में आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक दोनों ओर 16-16 मीटर में कटाई की। मशीनी कटर से पेड़ 15 सेकंड में गिराए गए और जेसीबी से जमीन समतल कर दी गई। नाले, दलदल और पानी भरे इलाकों में भी पेड़ काटे गए। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने माना कि ढाई दिन में करीब 1500 पेड़ कटे। एनजीटी के आदेश के बाद कार्रवाई रोक दी गई। मजे की बात ये कि ग्रीन जोन में मौजूद अतिक्रमणों को निगम अमले ने हाथ तक नहीं लगाया। अयोध्या बायपास पर 7851 में से 1500 पेड़ कटे… एनजीटी के आदेश के बाद शेष पेड़ों की कटाई रुकी एनजीटी ने राज्य सरकार को भी फटकारा, 1 हफ्ते में कमेटी के मिनट्स जमा करने के दिए निर्देश कमेटी का फैसला रिकॉर्ड में आए बिना कटाई नहीं राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए एनजीटी ने एक हफ्ते में कमेटी के मिनट्स जमा करने के निर्देश दिए। यह मामला नितिन सक्सेना बनाम एनएचएआई से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के वकील हरप्रीत सिंह गुप्ता ने आरोप लगाया कि पेड़ काटने से पहले न वैकल्पिक योजना बनी और न मुआवजा वनीकरण हुआ। सेंट्रली एम्पावर्ड कमेटी की बैठक के मिनट्स और अंतिम फैसला ट्रिब्यूनल में पेश नहीं किए गए। एनजीटी ने कहा, रिकॉर्ड आने तक पेड़ नहीं काटे जा सकते। एनएचएआई को अगली सुनवाई तक रिपोर्ट पेश करनी होगी। आज जनता करेगी विरोध… अयोध्या बायपास पर पेड़ों की कटाई के विरोध में आम जनता ने आज आंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन दोपहर 2 बजे अवध पैलेस के सामने होगा।


