सुबोध मिश्रा| हजारीबाग सदर अस्पताल में पहुंचने वाले गरीब लाचार व गंभीर बीमारियों का इलाज कराने के लिए पहुंचे मरीजों व उनके अटेंडेंट को सहयोग करने के लिए सदर विधायक के द्वारा स्थापित किया गया संजीवनी कुटीर को हटाने के लिए सीओ मयंक भूषण ने सदर विधायक प्रदीप प्रसाद को नोटिस किया है। यह नोटिस अंचल न्यायालय के द्वारा किया गया है। सदर विधायक को झारखंड लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 2000 की धारा 3 के अंतर्गत नोटिस किया गया है। जिसका भूमि अतिक्रमण वाद संख्या (2) -2025 -26 है। जिसमें कहा गया है कि आपने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज सह सदर अस्पताल, हजारीबाग में खाता संख्या-31, प्लॉट संख्या-117, क्षेत्रफल-200 वर्ग फीट पर संजीवनी कुटीर का निर्माण करके अतिक्रमण किया है या उसे जारी रखने के लिए जिम्मेदार हैं। ग्राम- नवादा, थाना संख्या- 139, पी.एस.सदर, जिला हजारीबाग, जो 1956 की उपधारा-xv में परिभाषित एक सार्वजनिक भूमि है। आपको 26 मई को प्रातः 11:00 बजे सदर अंचल कार्यालय में मेरे समक्ष उपस्थित होने तथा कारण बताने के लिए कहा जाता है कि ऐसा अतिक्रमण क्यों न हटाया जाए। यह भी कहा है कि ध्यान दें कि यदि आप ऊपर उल्लिखित समय और स्थान पर उपस्थित होने में विफल रहते हैं, तो मामले का निर्णय आपकी अनुपस्थिति में किया जाएगा। सदर विधायक को यह दूसरी नोटिस है। इसके पूर्व हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर अनुकरण पूर्ति ने संजीवनी कुटीर को हटाने के लिए नोटिस किया था। जिसमें उन्होंने हवाला दिया था कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के निर्देश पर यह नोटिस किया जा रहा है। इस नोटिस के संबंध में सदर सीओ मयंक भूषण ने कहा कि हां सदर विधायक को डीसी और एसडीओ के निर्देशों के आधार पर वाद दो के तहत नोटिस किया गया है। 15 दिनों का समय दिया गया है। अगर 15 दिनों के अंदर इस नोटिस का जवाब नहीं मिलता है या उसे नहीं हटाया जाता है तो प्रशासन न्यायिक प्रक्रिया को पूरी करते अपना काम करेगा। वही इस संबंध में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि मैं सदर अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के लिए पहुंचने वाले गरीब लाचार व गंभीर बीमारी से परेशान मरीज और उनके अटेंडेंट के सहयोग के लिए इस कुटीर को स्थापित किया। जिसका लाभ लोगों को मिलते आ रहा था। इस कुटीर की नजर अस्पताल में फरार रहने वाले चिकित्सक, कर्मियों के साथ-साथ दलालों पर भी होती थी क्योंकि वहां दलालों की सक्रियता सर्वाधिक है। इसी पर पर्दा डालने के लिए इस कुटीर को हटाने की कोशिश हो रही है। कहा िक 24 घंटे संजीवनी कुटीर से लोगों को सेवा मिलती आ रही है। चाहे सर्प दंश के मरीज हो या फिर किसी गंभीर बीमारी से परेशान हमारे लोग उन्हें उठाकर बेड तक ले जाने के साथ-साथ संबंधित चिकित्सक को बुलाकर इलाज कराने तक का काम करते हैं ।अगर हॉस्पिटल में दवा की उपलब्धता नहीं है तो यह कुटीर उन्हें दवा भी उपलब्ध कराता है। इस कुटीर को हटाने की मंशा रखने वालों की नीयत को दर्शाता है कि आखिर क्यों इसे हटाना चाहते हैं। कहा िक क्या करें केस भी हो गया है। लेकिन मैं खुद से तो नहीं हटाऊंगा प्रशासन को जो उचित लगे वह कर दे। 4 जनवरी को बनाया गया था सेवा कुटीर सेवा कुटीर 4 जनवरी को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में स्थापित किया गया था, और तब से आज तक करीब 6000 से अधिक जरूरतमंदों को चिकित्सा सहयोग प्रदान कर चुका है। कई आपातकालीन मामलों की सेवा बिना रजिस्ट्रेशन के भी दी गई है, क्योंकि प्राथमिकता मरीज की जान बचाना रही, कागज़ी प्रक्रिया नहीं। विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया कि वे हजारीबाग आते तो हैं, पर अस्पताल परिसर का निरीक्षण क्यों नहीं करते?


