चंद मिनट बाद गेट से निकल भागा रिम्स के सर्जरी वार्ड में इलाज कराने के लिए भर्ती हुआ एक बाल कैदी मंगलवार की अहले सुबह सुरक्षा में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। तीनों जवानों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। यह बाल कैदी खलारी थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जिसने 23 दिसंबर को अपने एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर राय बाजार स्थित 5 दुकानों में चोरी की थी। जिसके बाद 35 दिनों तक वह फरार था। हालांकि पुलिस की दबिश बढ़ी तो 28 जनवरी को उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद उसे डुमरदगा स्थित रिमांड होम भेज दिया गया। एक फरवरी को इस बाल कैदी ने अचानक पेट में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे रिम्स के सर्जरी वार्ड में भर्ती कराया गया। सुरक्षा में तीन पुलिसकर्मी तैनात किए गए। अहले सुबह 5 बजे शौच जाने की बात कह कर वह बेड से उठा, फिर अचानक चकमा देकर वहां से फरार हो गया। 10 मिनट तक जब शौच से बाहर नहीं निकला तो सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी उसे ढूंढने लगे। हालांकि काफी खोजने के बाद भी वह न तो शौचालय में मिला आैर न ही वार्ड में। इसके बाद बरियातू थाने को जानकारी दी गई। काफी प्रयास के बाद भी फरार नाबालिग कैदी की कोई जानकारी अबतक नहीं मिली है। पुलिस संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश कर रही है। राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल कैदियों के लिए बन गया रिहाई घर राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स है। यहां झारखंड के अलावा दूसरे राज्य से भी लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। विभिन्न जगहों से आने वाले मरीज का तो इलाज होता है, लेकिन इलाज के नाम पर पहुंचने वाला कैदी अक्सर फरार हो जाता है। कैदी के भागने के बाद वरीय अधिकारी भी आनन-फानन में जवान को तो सस्पेंड कर देते हैं, लेकिन आगे इस तरह की घटना ना हो, इसके लिए कोई मैकेनिज्म डेवलप नहीं करते। अक्सर कैदियों के भागने की वजह से रिम्स को अब लोग रिहाई घर कहने लगे हैं। जांच में दोषी पाए गए तीनों सुरक्षाकर्मी बाल कैदी के भागने के बाद जांच में वहां तैनात तीनों जवानों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। इसके बाद एसएसपी ने जवान मुकेश कुमार, रामाशंकर सिंह आैर राजकरण पासवान को सस्पेंड कर पुलिस लाइन भेज दिया। 10 कैदी अलग-अलग वार्ड में हैं भर्ती, एमआईसीयू में 5 कैदी फरमा रहे आराम रिम्स के अलग-अलग वार्ड में फिलहाल 10 कैदी भर्ती हैं। सबसे ज्यादा एमआईसीयू में 5 कैदी भर्ती हैं, जो पिछले कई दिनों से इलाज के नाम पर वहां आराम फरमा रहे हैं। इन कैदियों से रोज कई लोग मिलने भी पहुंचते हैं, जिन्हें सुरक्षाकर्मी कोई रोक-टोक नहीं करते। इसके अलावा पेइंग वार्ड में 2, इमरजेंसी आैर न्यूरोलॉजी के अलावा कॉर्डियोलॉजी में एक-एक कैदी भर्ती हैं। भास्कर इनसाइट तीनों जवान मोबाइल पर खेल रहे थे गेम, इसी बीच भाग गया बाल कैदी बाल कैदी के भागने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की एक टीम जांच करने के लिए रिम्स स्थित सर्जरी वार्ड पहुंची। वहां बी-1 के बेड नंबर 110 पर भर्ती बाल कैदी के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि सुरक्षा में तैनात तीनों जवान मोबाइल पर व्यस्त थे। बाल कैदी सुबह लगभग 5 बजे शौच के लिए बोल कर वॉशरूम गया। वहां से कब वह निकल कर सुरक्षाकर्मियों के बगल से ही भाग निकला, किसी को भनक तक नहीं लगी। हालांकि जांच टीम को सुरक्षाकर्मियों ने बताया है कि बाल कैदी खिड़की के सहारे बाहर निकल कर पाइप से नीचे उतर कर भागा है। फिलहाल जांच टीम इस बात को झूठा मान रही है। 2018 से अब तक 7 कैदी भागे… सभी मामलों में मिली सुरक्षा में चूक


