श्योपुर नगर पालिका में पिछले तीन महीने से वेतन न मिलने के कारण मंगलवार को शुरू हुईं संविदा, आउटसोर्स और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार शाम समाप्त हो गई। कर्मचारियों के खातों में दिसंबर तक का वेतन डाले जाने के बाद उन्होंने काम पर लौटने का निर्णय लिया। हड़ताल खत्म होने के अगले ही दिन गुरुवार सुबह मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राधेरमण यादव स्वयं झाड़ू लेकर शहर की सफाई करते नजर आए। सीएमओ अपने स्टाफ के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई अभियान में जुटे। उन्हें इस प्रकार देखकर सफाई कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक सफाई कार्य शुरू कर दिया। सीएमओ की प्रत्यक्ष भागीदारी से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा और आमजन के बीच भी एक सकारात्मक संदेश गया। कर्मचारियों को प्रेमपूर्वक समझाया और समर्थन किया इस दौरान सीएमओ ने बताया कि सभी कर्मचारियों का दिसंबर तक का वेतन उनके खातों में डाल दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविदा कर्मचारियों का वेतन पहले ही भुगतान किया जा चुका था। सीएमओ ने आश्वासन दिया कि जो कर्मचारी अब नियमित रूप से काम पर लौटेंगे, उनकी उपस्थिति के आधार पर आगे का वेतन भी समय पर जारी किया जाएगा। सीएमओ ने यह भी बताया कि हड़ताल के दौरान वे स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे थे और कर्मचारियों को प्रेमपूर्वक समझाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक और निजी लोग, साथ ही कुछ पार्षद कर्मचारियों को भड़काने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि नगर पालिका प्रशासन कर्मचारियों के साथ है और उनकी जायज मांगों को पूरा किया गया है। नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन की पहल की सराहना की सीएओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इसके बाद भी कोई कर्मचारी या समूह धरना जारी रखता है, तो नगर पालिका उन कर्मचारियों के साथ मिलकर शहर की सफाई कराएगी जो काम करने को तैयार हैं। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा, “शहर की सफाई सबसे जरूरी है,” और इसी भावना के साथ उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर सफाई अभियान की शुरुआत की। उल्लेखनीय है कि हड़ताल के कारण पिछले दो दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी, जिससे नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हड़ताल समाप्त होते ही गुरुवार सुबह से ही शहर के विभिन्न वार्डों में सफाई कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। सीएमओ के साथ सफाई करते कर्मचारियों की तस्वीरें शहर में चर्चा का विषय बनी रहीं। आम नागरिकों ने भी नगर पालिका प्रशासन के इस कदम की सराहना की और इसे एक सकारात्मक पहल बताया।


