श्योपुर में RSS के शताब्दी वर्ष पर हिंदू सम्मेलन:वक्ताओं ने संगठन और एकता पर दिया जोर; सहभोज से समाज को जोड़ने का संदेश

आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर श्योपुर शहर सहित पूरे जिले में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। रविवार को श्योपुर शहर की दो बस्तियों के साथ-साथ बड़ौदा, अजापुरा, किशोरपुरा, प्रेमसर, मानपुर, वीरपुर और कलारना में सम्मेलन हुए। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं ने भाग लिया। कलश यात्रा से हुई शुरुआत सभी स्थानों पर हिंदू सम्मेलनों की शुरुआत कलश यात्राओं से हुई। यात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही। ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम स्थलों पर बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें भारतीय संस्कृति और देशभक्ति की झलक दिखाई दी। सहभोज में दिखी सामाजिक समरसता सम्मेलनों के समापन पर सहभोज का आयोजन किया गया। इसमें अलग-अलग समाज और वर्ग के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। यह आयोजन सामाजिक बराबरी और आपसी भाईचारे का उदाहरण बना। संतों की उपस्थिति में वक्ताओं ने समाज को जोड़ने का संदेश दिया। हिंदू समाज के संगठन पर जोर वक्ताओं ने कहा कि दुनिया को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए हिंदू समाज का संगठित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब समाज जागरूक और एकजुट होगा, तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। साथ ही राष्ट्रहित में ‘पंच परिवर्तन’ को अपनाने की अपील की गई और इसकी शुरुआत अपने घर से करने का आह्वान किया गया।

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