फैक्ट्रियों में कॉन्ट्रैक्ट श्रमिकों का शोषण रोकने श्रम विभाग के अधिकारी वहां के हालात का जायजा लेंगे। इसके लिए वे फैक्ट्री का हरेक माह औचक निरीक्षण करेंगे। कॉन्ट्रैक्ट श्रमिकों का ईएसआई-पीएफ अनिवार्य कर दिया गया है। गुरुवार को श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने विभाग के तीन मंडलों की योजनाओं के साथ कारखानों में श्रमिकों के अधिकारों से संबंधित कानूनों के पालन की समीक्षा की। देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि श्रमिकों का पंजीयन, नवीनीकरण और योजनाओं का क्रियान्वयन समय अवधि में पूरा होना चाहिए। कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम पर विशेष फोकस होना चाहिए। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त हैं, उतने श्रमिक कार्यरत हैं या नहीं, इसकी जांच कराई जाए। बैठक में श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता, उप सचिव विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एसएल जांगड़े, सविता मिश्रा और बीओसी सचिव गिरीश रामटेके शामिल हुए रहे। देवांगन ने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ्य के नियमित जांच कराई जाए। सभी जिलों के डिस्पेंसरी में ओपीडी की संख्या को और बढ़ाई जाए। डिस्पेंसरी के स्टाफ की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक के आधार पर होनी चाहिए। इन जिलों में खोले जाएंगे वीरनारायण श्रम अन्न केंद्र
मंत्री ने नए जिलों में शहीद वीर नारायण श्रम अन्न केंद्र शुरू करने को कहा ताकि वहां के श्रमिकों को किफायती दर पर भोजन उपलब्ध हो। इनमें मुंगेली, सक्ति, जगदलपुर, कांकेर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, जशपुर और जगदलपुर शामिल हैं। उन्होंने अन्य जिलों के श्रम अन्न केंद्र की जानकारी ली।


