साधुवाली में निर्माणाधीन गाजर मंडी के पास से रास्ता देने की मांग को लेकर किसानों का धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने पर महिलाओं सहित 10 किसान कार्मिक अनशन पर बैठे हैं, जबकि दो किसानों की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। किसान गाजर मंडी से उनकी ढाणियों की ओर जाने वाला रास्ता देने की मांग कर रहे हैं। किसान नेता अमर बिश्नोई ने कहा- साधुवाली में बन रही नई गाजर मंडी में चक 2D के सैकड़ों परिवारों की जिंदगी पर प्रशासन ने ताला लगा दिया है। रियासतकाल से चली आ रही पुरानी पगडंडी, जो इन परिवारों का गांव से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता थी, अब मंडी के नक्शे में गायब कर दी गई है। मंडी के दक्षिण में गंगनहर की 90 फीट खाली पट्टी पड़ी है। उसी से मंडी को जगह देकर उत्तर में 16 फीट का रास्ता छोड़ा जा सकता है, लेकिन प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। धरने पर बैठे किसान अमर सिंह बिश्नोई और संतोष बिश्नोई ने ऐलान किया कि जब तक रास्ते की लिखित गारंटी नहीं मिलेगी, अनशन नहीं टूटेगा। क्योकिं, 500 परिवारों का आने-जाने का एक ही रास्ता था, वो भी छीन लिया। अब बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे, बीमार पड़े तो अस्पताल कैसे पहुंचेंगे। मंडी बननी है तो बनाओ, लेकिन हमारी सांसें क्यों रोक रहे हो।


