श्रीगंगानगर में जल संसाधन ऑफिस के बाहर किसानों का विरोध-प्रदर्शन:बोले- बिना वैकल्पिक व्यवस्था के नहरबंदी नहीं लेने देंगे, 12 को कलेक्ट्रेट पर पड़ाव का ऐलान

पंजाब जल संसाधन विभाग द्वारा फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण के लिए जनवरी में प्रस्तावित नहरबंदी के विरोध में ग्रामीण किसान मजदूर समिति ने जल संसाधन विभाग कार्यलय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यलय के बाहर किसानों ने जमकर नारेबाजी की और मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके बाद गंगा सिंह चौक पर किसान नेताओं ने संबोधन किया और 12 जनवरी को जिला कलेक्ट्रेट के बाहर अनिश्चितकालीन पड़ाव डालने का ऐलान कर दिया। किसान नेता रणजीत सिंह राजू ने कहा- गंगनहर में नहरबंदी कब से शुरू होगी और बंदी के दौरान बीकानेर कैनाल को पानी की वैकल्पिक व्यवस्था क्या होगी, यह अधिकारियों ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है। इससे किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी हालत में नहरबंदी नहीं होने देंगे। किसानों की मांग है कि राजस्थान बॉर्डर के खखां हेड पर 1700 क्यूसेक पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। पुरानी बीकानेर कैनाल की RD 0 से 45 तक सफाई भी नहीं करवाई गई, जिससे पानी लेना मुश्किल है। प्रदर्शन से पहले किसानों ने गुरुद्वारा सिंह सभा में बैठक की और आगे की रणनीति पर चर्चा की। किसानों का कहना है कि रबी फसलों की बुवाई के समय से अब तक विभाग ने नहरबंदी की तारीख और वैकल्पिक इंतजाम की जानकारी नहीं दी। अगर नहरबंदी हुई और बीकानेर कैनाल से पानी नहीं मिला तो खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो जाएंगी। गत दिनों सादुलशहर विधायक ने मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। फिरोजपुर फीडर से RD 45 पर बीकानेर कैनाल को पानी मिलता है। किसानों का डर है कि बंदी के दौरान सिंचाई पानी नहीं मिलेगा। उन्होंने ऐलान किया कि 12 जनवरी से कलेक्ट्रेट पर पड़ाव डालेंगे और नहरबंदी निरस्त होने तक विरोध जारी रहेगा। इसके बाद बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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