श्रीगंगानगर जिले में हरियाली को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण को साकार रूप देने के लिए मनरेगा के अंतर्गत एक महत्त्वाकांक्षी योजना पर कार्य शुरू हो चुका है। इसके तहत श्रीगंगानगर जिले की सभी 343 ग्राम पंचायतों में स्थानीय स्तर पर पौधशालाएं (नर्सरी) स्थापित की जाएंगी और कुल 2,73,000 पौधे तैयार कर उन्हें रोपा जाएगा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरधर ने बताया कि इस योजना के तहत सभी पंचायत समितियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि 15 मई तक पौधों की तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसके साथ ही, रोपे गए पौधों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए ट्री गार्ड की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि हर पौधा सुरक्षित रूप से पनप सके। पंचायत समितियों में रोपे जाने वाले पौधों की संख्या इस प्रकार रहेगी डिजिटल निगरानी के लिए होगी जियो टैगिंग
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पौधारोपण कार्यक्रम को पारदर्शिता और प्रभावशीलता देने के लिए हर पौधे और नर्सरी की जियो टैगिंग की जाएगी। इसके लिए हरियालो राजस्थान ऐप का उपयोग किया जाएगा। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि न सिर्फ पौधों की संख्या दर्ज हो, बल्कि उनकी स्थिति, देखरेख और प्रगति पर भी निगरानी रखी जा सके। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार भी
यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने की दृष्टि से भी अहम है। नर्सरी निर्माण, पौधों की देखभाल और ट्री-गार्ड लगाने जैसे कार्यों में बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। सीईओ गिरधर ने बताया “जिले की हर ग्राम पंचायत में पौधशाला तैयार करने की दृष्टि से यह कार्य योजना तैयार की गई है। पौधों के साथ-साथ उनकी देखभाल की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि लगाए गए पौधे स्वस्थ और सुरक्षित रूप से विकसित हों।”


