नागौर के निकटवर्ती गांव बाईसर-ताऊसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन हुआ। ताऊसर के मूल निवासी एवं हैदराबाद प्रवासी भाटी परिवार द्वारा आयोजित इस कथा में व्यासपीठ से बड़ा रामद्वारा सूरसागर के महंत परमहंस डॉ. रामप्रसाद महाराज ने श्रद्धालुओं को ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने स्वधर्म पालन और सात्विक जीवन शैली पर जोर देते हुए कहा कि व्यक्ति को अपने कर्म से विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने शास्त्रों के अध्ययन के साथ-साथ योग साधना को गुरु के सान्निध्य में ही करने की सलाह दी। संतों ने दिया नशा मुक्ति और सेवा का संदेश कथा के दौरान महामंडलेश्वर कुशाल गिरी महाराज और सैनाचार्य अचलानंद गिरि महाराज सहित कई संतों का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। संतों ने समाज में नारी सम्मान, माता-पिता की सेवा और नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत ने भी विचार व्यक्त किए। संतों ने स्पष्ट किया कि मानव सेवा और गौ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इसी से समाज का कल्याण संभव है। प्रवासी भामाशाहों ने दिखाई दरियादिली कथा के अंतिम दिन गौ सेवा और तिंवरी स्थित वैदिक गुरुकुल के सहयोग के लिए श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर दान दिया। आयोजक भाटी परिवार की ओर से 7 लाख रुपये सहित गुरुकुल के लिए कुल 11 लाख रुपये से अधिक की राशि एकत्रित हुई। वहीं, गौशाला के निमित्त भी 5 लाख रुपये से अधिक का सहयोग मिला। हैदराबाद और सिकंदराबाद से आए प्रवासी बंधुओं और स्थानीय मातृशक्ति ने भक्ति भाव से इस पुनीत कार्य में अपनी आहुति दी। गणमान्य जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति इस धार्मिक समागम में पद्मश्री हिम्मताराम भांभू, भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा सहित अनेक सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में राम वल्लभ, बलदेव राम और नेमीचंद भाटी सहित पूरे परिवार का विशेष सहयोग रहा।


