राहौद | नगर स्थित हनुमान कुटी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह महापुराण ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग प्रारंभ हुआ, पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु एवं भक्तजन “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” भजनों के साथ झूम उठे। कथा व्यास पंडित दिनेश कुमार दुबे ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब अधर्म, अत्याचार, दुराचार और पापाचार बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार का अंत करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य सांसारिक मोह में फंसकर अपना जीवन व्यर्थ कर देता है, लेकिन जब वह अपने मन के कुविचारों को त्यागकर परमेश्वर का ध्यान करता है, तो उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान फूलों की होली खेली गई तथा भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। जन्मोत्सव को बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। धार्मिक आयोजन का जितेंद्र वर्धन शुक्ला, कुसुम शर्मा, विजय कुमार शुक्ला, यशो वर्धन शुक्ला द्वारा किया जा रहा है।


