भास्कर न्यूज | लातेहार शहर के अंबाकोठी में श्रीरामचरित मानस नवाह्रन परायण पाठ का 52वां अधिवेशन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुआ। इसका उद्घाटन पूर्व मंत्री सह श्रीरामचरित मानस नवाह्रन परायण पाठ महायज्ञ समिति के मुख्य संरक्षक बैद्यनाथ राम व समिति के संस्थापक सदस्य जवाहर प्रसाद अग्रवाल ने दीप जलाकर िकया। वैदिक मंत्रोच्चार अनिल मिश्रा ने किया। इस अवसर पर मुख्य यजमान डॉ. विनय सप्तीक मौजूद थे। पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने कहा कि आज के भौतिकवाद के समय में धर्म के प्रति इतना उत्साह सराहनीय है। श्रीरामचरित मानस सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन का सार है। अगर इसे अपने जीवन में उतार लिया जाए तो जीवन सार्थक हो जाएगा। पिता का पुत्र से, भाई से भाई का और राजा का प्रजा के प्रति कैसा व्यवहार हो यह हमें यह ग्रंथ सीखाता है। यह समाज का दर्पण है। श्रीरामचरित मानस की एक-एक चौपाई जीवन के गुढ़ रहस्यों को परिलक्षित करता है। महासमिति के अध्यक्ष प्रमोद प्रसाद सिंह ने 52 वें अधिवेशन पर लोगों को बधाई दी। कहा कि 1973 में सीमित संसाधनों में इस आयोजन को शुरू किया गया था, लेकिन आज यह आयोजन विराट व भव्य रूप ले चुका है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुशील कुमार अग्रवाल व संरक्षक अशोक कुमार महलका ने भी श्रीरामचरित मानस के संदेश को अपने जीवन में उतारने की अपील की। गिरिडीह से आए श्रीराम कथा वाचक अनिल भारद्वाज ने श्रीरामचरित मानस के कई प्रसंगों का उल्लेख किया। कहा क्रि हम अगर मन में श्रद्धा और विश्वास हो तो हम एक सच्चे भक्त बन सकते हैं। धन्यवाद ज्ञापन महासमिति के कोषाध्यक्ष विनोद कुमार महलका ने किया। उन्होंने कहा क्रि लातेहार में श्रीराम का मंदिर बनाने की परिकल्पना की जा रही है और इसमें लोगों का तन मन व धन से सहयोग अपेक्षित है। मंच का संचालन मंत्री सुनील कुमार शौंडिक ने किया। महायज्ञ में 425 महिलाएं पाठ में बैठी हैं। मौके पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुशील कुमार अग्रवाल, डॉ विशाल शर्मा, संतोष अग्रवाल, राजीव रंजन पांडेय, सुदामा प्रसाद गुप्ता, प्रभात कुमार, मदन प्रसाद, सुरेश प्रसाद, अनूप महलका, प्रकाश मोहन अग्रवाल, राजेश सिंह, दिनेश कुमार महलका, कन्हाई प्रसाद अग्रवाल, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, चंद्र प्रकाश उपाध्याय, आशीष पांडेय, प्रभात कुमार, रंजीत कुमार, नागेंद्र प्रसाद, राजेश अग्रवाल, अंकित पांडेय, रविंद्र प्रजापति समेंत कई लोग मौजूद थे।


