राष्ट्रीय संत एवं श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कोषाध्यक्ष गोविंद देव महाराज एक दिवसीय प्रवास पर झालावाड़ पहुंचे। उन्होंने वैदिक ज्योतिष को शाश्वत सत्य बताते हुए मानव जीवन के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वेद मूर्ति गोविंद देव महाराज ने कहा कि वैदिक ज्योतिष वेदों का चक्षु है, जो मनुष्य को बेहतर और संतुलित जीवन शैली जीने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने जोर दिया कि व्यक्ति के दैनिक जीवन के प्रत्येक कार्य ग्रहों को प्रभावित करते हैं, इसलिए जीवन में सत्कर्म, संयम और अनुशासन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने समझाया कि वैदिक ज्योतिष यह समझने में मदद करता है कि जीवन के किस समय विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। साथ ही ग्रहों की स्थिति के अनुसार शिक्षा, नौकरी और व्यापार का कौन सा क्षेत्र व्यक्ति के लिए अनुकूल रहेगा, यह जानने में भी सहायक है। इससे व्यक्ति अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय विवेकपूर्ण ढंग से ले सकता है। समाज और परिवार पर बोलते हुए गोविंद देव महाराज ने बच्चों को केवल आर्थिक मूल्यों तक सीमित न रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक शिक्षा, संस्कृति, संस्कार, धार्मिक, सामाजिक और व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ा जाना चाहिए। ऐसा न होने पर भविष्य में हर मोहल्ले में वृद्धाश्रम खुलते चले जाएंगे।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं देखा है कि आज भी वृद्धाश्रमों में किसी आम आदमी के माता-पिता नहीं हैं, जो समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। उन्होंने समाज से कम उम्र में संतानों का विवाह करने तथा बहुओं को बेटी के समान सम्मान देते हुए ससुराल में उनकी शिक्षा पूर्ण करवाने का भी आह्वान किया। धर्मांतरण के विषय पर उन्होंने कहा कि समाज धन कमाने की अंधी दौड़ में इतना आगे बढ़ रहा है कि नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और संस्कार नहीं दे पा रहा है। इसके कारण सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है, जिसे सुधारना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी को आगे आना होगा।
कार्यक्रम के अंत में अंतर्राष्ट्रीय वैदिक ज्योतिषाचार्य हेमंत कासट और उनके भाई बसंत कासट ने संत श्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गोविंद देव महाराज का मार्गदर्शन समाज के लिए प्रेरणादायी है।


