लाडनूं के श्रीराम आनन्द गोशाला में श्रीरामचरितमानस नवान्ह पारायण का तीसरा दिन श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा। सिंहल पीठाधीश्वर संत क्षमाराम महाराज ने श्रीराम के चरित्र पर प्रवचन दिया। संत क्षमाराम ने कहा कि श्रीराम सिर्फ देव स्वरूप नहीं हैं। वे हर मानव के लिए आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा हैं। उन्होंने बताया कि रामचरितमानस का पारायण आत्मा को पवित्र करता है। यह समाज को सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की सीख देता है। गोशाला परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहा। बड़ी संख्या में रामभक्तों ने पाठ और प्रवचन का लाभ लिया। यजमान के रूप में सांवरमल प्रजापत, कैप्टन छतरसिंह सोलंकी, मदनलाल डोबा, झूमर मल गौदारा चुंडासरिया और कृष्ण कुमार राजपुरोहित ने सपत्नीक भाग लिया। कार्यक्रम में नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


