श्री गुरु हरि राय साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर गोल्डन टेंपल में अलौकिक और भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। इस पावन अवसर पर गोल्डन टेंपल परिसर को विशेष रूप से सजाया गया और शाम के समय भव्य दीपमाला व आतिशबाजी का आयोजन किया गया। देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतें गोल्डन टेंपल पहुंचीं और पावन सरोवर के किनारे घी के दीये तथा रंग-बिरंगी मोमबत्तियां जलाकर गुरु साहिब के प्रकाश पर्व की खुशियां मनाईं। पूरे सरोवर के चारों ओर जलते दीपकों की रोशनी ने अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा। रहिरास साहिब के पाठ के उपरांत आकाश में प्रदूषण-रहित आतिशबाजी की गई। यह आतिशबाजी पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल थी, जिससे न तो धुआं फैला और न ही शोरगुल हुआ। आतिशबाजी के दौरान रंग-बिरंगी रोशनी से आकाश जगमगा उठा, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। दिव्य दीपमाला और आतिशबाजी ने संगतों को किया भावविभोर दीपमाला और आतिशबाजी के इस दिव्य नजारे ने संगतों को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालु गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक होकर अरदास करते नजर आए। पूरे आयोजन के दौरान मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया और संगतों ने शांति व श्रद्धा के साथ प्रकाश पर्व में भाग लिया। प्रशासन और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे संगतों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस पावन अवसर पर श्री गुरु हरि राय साहिब जी की शिक्षाओं को स्मरण करते हुए सेवा, करुणा और मानवता के संदेश को अपनाने की अपील भी की गई। गोल्डन टेंपल में मनाया गया यह प्रकाश पर्व श्रद्धा, सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण बना।


