भास्कर न्यूज |लुधियाना गुरबाणी की मधुर वाणी, संगत दी श्रद्धा और वाहेगुरु सिमरन दी गूंज नाल, श्री सुखमणि साहिब गुरुद्वारा साहिब, दुगरी फेज-2 दा दरबार हाल रूहानी माहौल नाल भर गया। इस शुभ अवसर पर विशेष कीर्तन समागम करवाया गया। इसमें भारी संख्या में संगत ने भाग लिया। शाम समय श्री जिस नाल साहिब जी दा पाठ हैड ग्रंथी सिंह वलो किया गया। पाठ उपरांत, गुरुद्वारा साहिब दे रागी जत्थों ने मिलकर गुरबाणी कीर्तन दी हाजरी भरी, जिस नाल संगत दी आत्मा तक शांति पहुंची। इस मौके पर विशेष तौर पर पहुंचे मीरी पीरी खालसा जत्था, यमुनानगर ने अपने गुरमत अनुसार कीर्तन कर संगत नू निहाल कर दिता। उन्होंने पहले संगत नाल मिलकर वाहेगुरु सिमरन दा जाप करवाया, फिर संता के कारज आप खलोया, हर कम करावन आया राम शबद कीर्तन किया। पूरा दरबार हॉल संगत से भर गया, हर कोई बच्चा, बुजुर्ग और युवा आंखें बंद करके सिमरन किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सरदार अरविंदर सिंह संधू ने रागी जत्थों को सिरोपा पहना के सम्मानित किया। उन्होंने संगत से अपील की कि सभी अपने बच्चों को गुरबाणी से जोड़ें और कीर्तन सुनने के लिए गुरुद्वारे जरूर लाएं। यही जीवन की सच्ची शिक्षा है। उन्होंने आगे कहा कि गुरुद्वारा साहिब की ओर से हर सप्ताह कीर्तन समागम इसीलिए आयोजित किए जाते हैं, ताकि नई पीढ़ी गुरबाणी की समझ से जुड़ सके और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बन सके। समागम उपरांत गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया, जिसका श्रद्धापूर्वक सभी संगत सदस्यों ने सेवन किया। इस पावन अवसर पर निर्भय सिंह, राम सिंह, मोहिंदर सिंह, गुरचरण सिंह, सुखविंदर सिंह सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।


