AIIMS और IIT जोधपुर में आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडियन कॉन्फ्रेंस ऑन मेडटेक इनोवेशन 2025’ में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। झालावाड़ जिले के अकलेरा के डॉ. दीपक कुमार मीना ने मौखिक प्रस्तुति में प्रथम स्थान हासिल किया है। डॉ. मीना AIIMS जोधपुर के न्यूरोसर्जरी विभाग में सीनियर रेजिडेंट हैं। उन्होंने एक नवीन डिवाइस का विचार प्रस्तुत किया। यह डिवाइस मरीजों के श्वसन तंत्र में होने वाली जटिलताओं की जल्द पहचान में मददगार साबित होगी। विशेष रूप से यह सेंसर युक्त बनियान आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों के लिए लाभदायक होगी। मस्तिष्क ट्यूमर या आघात के मरीजों में वेंटिलेटर एसोसिएटेड निमोनिया (VAP) की समस्या को जल्द पहचानने में यह मददगार होगी। यह तकनीक फेफड़ों में होने वाले बदलाव को प्रारंभिक स्तर पर ही पता लगा लेगी। देश भर से आए विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों ने डॉ. मीना के इस नवाचार की सराहना की। उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डॉ. मीना के अनुसार यह तकनीक आईसीयू में लंबे समय से भर्ती मरीजों को जल्द स्वस्थ करने में सहायक होगी।


