भास्कर न्यूज | अमृतसर संकट चतुर्थी माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को महिलाओं ने भुग्गा का व्रत रखा। महिलाओं ने सुबह उठकर स्नान करके भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना की। पवित्र ज्योति जलाकर गणेश जी को पीला तिलक लगाया। इसके बाद महिलाओं ने परिवार की सुख-शांति के लिए भुग्गे का व्रत रखा। वहीं गणेश मंदिरों में गणेश चतुर्थी में हरिनाम संकीर्तन किया गया। पंडितों ने गणेश जी की प्रतिमा को पंचामृत स्नान करवाया। इसके बाद सारे मंदिरों की साफ-सफाई करके गणेश जी का भव्य शृंगार किया। उन्होंने गणपति जी के आगे लाल रंग के वस्त्र पर पूजा की थाली रखी। इसके बाद उन्होंने गणेश जी को फल, फूल, होली अक्षय के साथ गणपति जी को 21 दर्व अर्पित किए। वहीं गणेश जी को लड्डू, मोदक और तिलकुट का भोग लगाया। महिलाओं ने परिवार की सुख-शांति के लिए रखे भुग्गे के व्रत में गुड़ तिल मिलाकर लड्डू बनाए और मूली गन्ने को रखकर गणेश जी की आरती उतारी। वहीं रात को महिलाओं ने चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला।


