संकट चौथ के अवसर पर ग्वालियर के गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शहर के लद्देड़ी स्थित प्राचीन सिद्धिविनायक मोटे गणपति मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान मंदिर में 267वें पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया। मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश से अपने परिवार की सुख-शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना की। भक्तों ने मंदिर की दीवार पर गोबर से उल्टे स्वस्तिक बनाए जो यहां की एक विशेष परंपरा है। दर्शन करने आईं आराधना दुबे ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य और कष्टों को दूर करने के लिए उल्टा स्वास्तिक बनाया है। मंदिर की मान्यता है कि यहां उल्टा स्वस्तिक बनाने के एक साल के भीतर मनोकामना पूरी होती है, जिसके बाद मंदिर आकर सीधा स्वास्तिक बनाना होता है। श्रद्धालुओं ने भगवान को प्रसाद स्वरूप मौसमी हरी सब्जियां जैसे मैथी, पालक, मूली, हरा धनिया और दूर्वा के साथ-साथ लड्डू भी अर्पित किए। ऐसी मान्यता है कि संकट चौथ पर भगवान श्री गणेश को सीजन की पहली सब्जियां बहुत प्रिय होती हैं। लद्देड़ी स्थित मोटे गणेश मंदिर के पुजारी अरुण कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मंदिर की स्थापना पेशवा कालीन समय में हुई थी, जिससे यह लगभग 250 साल पुराना है। मंदिर की स्थापना के समय से ही हर साल संकट चौथ पर मेले का आयोजन किया जाता है और इस वर्ष 267वां मेला आयोजित हुआ।


