संख्याओं से रणनीति तक:IIM इंदौर उद्यम संवाद से मिली कंसल्टिंग और लीडरशिप की नई समझ

जब प्रोफेशनल सोच को बिजनेस दृष्टिकोण का साथ मिल जाता है, तब सलाहकार केवल अकाउंटेंट नहीं, बल्कि ग्रोथ पार्टनर बन जाता है। चिराग पारख एंड एसोसिएट्स समूह से जुड़े प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट चिराग पारख, ब्यावर से एडवाइजरी, कंसल्टेशन और कंप्लायंस मैनेजमेंट के क्षेत्र में सक्रिय हैं। IIM इंदौर के उद्यम संवाद प्रोग्राम ने उन्हें नंबर्स के पीछे छिपी रणनीति और क्लाइंट बिहेवियर को बिजनेस कॉन्टेक्स्ट में समझने का अवसर दिया। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी रिपोर्ट या आंकड़े के पीछे फैसलों, सोच और भविष्य की प्लानिंग की एक पूरी स्ट्रेटजी होती है। उनके अनुसार, आने वाले लीडर्स के लिए तीन गुण सबसे जरूरी हैं—एडैप्टेबिलिटी, मजबूत पीपल मैनेजमेंट और स्ट्रेटेजिक मूवमेंट की क्षमता। साथ ही, एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी आज हर सेक्टर में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं, खासतौर पर सीए प्रोफेशन में। चिराग पारख मानते हैं कि डिग्री के बाद भी निरंतर सीख, टेक्नोलॉजी का सही उपयोग और मजबूत एथिक्स ही टिकाऊ सफलता का आधार हैं।

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