बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग ने संगठित अपराधों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने यह निर्देश शनिवार को रेंज के पुलिस अधीक्षकों की पहली बैठक में दिए। कोरबा और रायगढ़ के पुलिस अधीक्षकों को अपने मातहत अधिकारियों-कर्मचारियों की कथित सहभागिता की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। आईजी ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सघन पेट्रोलिंग और गश्त बढ़ाने के साथ ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में इन जिलों के एसपी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह, मुंगेली एसपी भोजराम पटेल, रायगढ़ एसपी दिव्यांग पटेल, कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एसपी मनोज खिलारी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ एसपी अंजनेय वार्ष्णेय, सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर और जांजगीर-चांपा एसपी विजय पाण्डेय सहित रेंज के जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे। रिपोर्टों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश आईजी ने कई अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए। इनमें थानों में आने वाली रिपोर्टों पर तत्काल कार्रवाई करना, पुलिसिंग में मोबाइल ऐप और हाईटेक तकनीकों का उपयोग बढ़ाना और क्यूआर कोड के माध्यम से थाने आने वाले लोगों से फीडबैक लेना शामिल है। साथ ही आईजी ने रेंज के पुलिस अधीक्षकों और राजपत्रित अधिकारियों के साथ हाइब्रिड मोड में समीक्षा बैठक की। इस दौरान सभी पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिले से संबंधित एजेंडावार प्रस्तुतिकरण दिया। विवेचना में गुणवत्ता जरूरी आईजी ने संज्ञेय अपराध के मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर विधिसम्मत कार्रवाई करने और प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने, गंभीर अपराधों की विवेचना में गुणवत्ता, समयबद्धता और अभियोजन समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता देने कहा गया। संपत्ति अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाएं पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस अधीक्षकों से कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाएं। वहीं उन्होंने कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर इन पर निगाह रखते हुए विधिवत कार्रवाई करने कहा। जनता को साइबर प्रहरी बनाएं बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक ने एक विशेष अभियान सायबर प्रहरी के नाम से चलाकर अधिक-से-अधिक आमजनों को इससे जोड़ने और साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके माध्यम से आवश्यक अलर्ट्स और सूचनाएं साझा करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। वहीं थानों को आमजनों और पीड़ितों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए, थाना आने वालों से मोबाइल में स्कैन किए जा सकने योग्य क्यूआर कोड के माध्यम से फीडबैक लेने के निर्देश दिए।


