पंजाब के संगरूर में पुलिसकर्मी द्वारा कॉन्स्टेबल बहन और मां की हत्या कर उनकी मौत को एक्सीडेंट दिखाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। दरअसल, पुलिसकर्मी ने पहले रात में कॉन्स्टेबल बहन और मां की हत्या की और फिर शवों को कार में रखकर ले गया था। इसके बाद उसने शव को ठिकाने लगाने और पकड़े जाने से बचने के लिए एक्सीडेंट का ड्रामा रचा। उसने पहले बहन की गाड़ी को पेड़ से टकराकर एक्सीडेंट किया, फिर शवों को उसमें डालकर जला दिया। पुलिस को गाड़ी से दोनों के कंकाल मिले थे। वहीं दूसरी तरफ पुलिस हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद बता रही है, जबकि आरोपी के पिता का कहना है कि प्रॉपर्टी का कोई विवाद नहीं था। उन्होंने पूरी जमीन बेटे के नाम पहले ही कर दी थी। प्रॉपर्टी विवाद की बात नहीं थी। बेटे ने मां और बहन की हत्या क्यों की, यह उनके समझ से भी परे है। यही नहीं पिता ने कहा कि पुलिस ने जो FIR दर्ज की उसमें भी कई बातें मनगढ़ंत थी। जो बातें उनके बयान के तौर पर लिखी गई, वो उन्होंने कभी पुलिस से कहा ही नहीं। पढ़ें क्या है पूरा मामला… पिता दिन में घर से गए, रात को कर दी हत्या हत्यारोपी गुरप्रीत सिंह के पिता करनैल सिंह ने बताया कि वो 16 जनवरी को ढाई बजे अपने मोड़ा गांव स्थित घर से दिन में ढाई बजे अपनी बहन को मिलने के लिए निकले। वो रात को भी बहन के घर ही रहे। उधर, बेटा आया और उसने मां और बहन की हत्या करके रात में ही शव ठिकाने लगाने के लिए एक्सीडेंट का ड्रामा रच दिया और वहां से संगरूर चले गया। सुबह सूचना मिली- एक्सीडेंट में बेटी-पत्नी की मौत करनैल सिंह ने बताया कि सुबह सात बजे वो बहन के घर में ही थे और तभी फोन आ गए कि बेटी सर्बजीत कौर (35) और पत्नी इंद्रजीत कौर (55) की एक्सीडेंट में मौत हो गई। वो फटाफट वहां से घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि कार को आग लगी थी और दोनों शव बुरी तरह से जले हुए थे। उनके सिर्फ कंकाल ही बचे थे। पुलिस को मामला संदिग्ध लगा तो की जांच पुलिस को मामला संदिग्ध लगा तो पुलिस ने मामले जांच शुरू की। सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला कि पुलिस मुलाजिम गुरप्रीत सिंह उस दिन शाम को घर आया था। पुलिस ने थाना सदर संगरूर में पता किया और उसके बाद उसके मोबाइल की लोकेशन चेक की। जिससे पुलिस को उस पर शक हुआ। पूछताछ में हत्या की बात कबूली इसके बाद पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उसने माना कि वो घर पर दोनों की हत्या के बाद शव कार में डाल कर ले गया। कुछ दूर दिबड़ा जा कर कार काे पेड़ से टकराकर उसको आग लगा दी। बहन की कार में ही ले गया शव बहन सर्बजीत कौर और मां इंद्रजीत कौर की हत्या करके आरोपी शवों को बहन की स्विफ्ट कार में ही लेकर गया ताकि यह लगे कि बहन और मां कहीं जा रहे थे और उनका एक्सीडेंट हो गया। शुरुआती दौर में आरोपी गुरप्रीत की प्लानिंग काम कर गई थी और पुलिस को भी लगा कि यह एक्सीडेंट ही है। बहन सर्बजीत कौर का पहले पति के साथ ही अनबन पिता करनैल सिंह ने बताया कि मृतका सर्बजीत कौर की अपने पति के साथ काफी समय तक अनबन रही और वो अपने माता पिता के पास मोड़ा में ही रहती थी। यहीं से वो दिबड़ा ड्यूटी करने जाती थी। चार पांच महीने से उनकी सुलह हो गई थी और अब वो अपने पति के साथ रहती थी। चार-पांच दिन पहले आई थी मायके करनैल सिंह ने बताया कि उनकी रिश्तेदारी में श्री अखंड साहब का पाठ था। उस पाठ में शामिल होने के लिए सर्बजीत कौर मायके आई थी। यहीं से वो ड्यूटी के लिए जा रही थी। चार-पांच दिन से बेटा भी घर नहीं आया था। उन्होंने बताया कि आरोपी गुरप्रीत अपने परिवार के साथ संगरूर में रहता है और उसके बच्चे वहीं पर पढ़ते हैं। दोनों 2011 में पुलिस में भर्ती हुए इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया था कि सर्बजीत कौर व गुरप्रीत सिंह दोनों 2016 में पुलिस में एक साथ भर्ती हुए थे। करनैल सिंह ने कहा कि दोनों 2011 में भर्ती हुए थे। सर्बजीत पहले भर्ती हुई और गुरप्रीत छह महीने बाद भर्ती हुआ था। गुरप्रीत कॉन्स्टेबल के रूप में थाना सदर में तैनात है। वहीं, बहन पंजाब पुलिस में CID यूनिट दिडबा में ड्यूटी पर थी। एक्सीडेंट की FIR में लिखी कहानी से करनैल सिंह सहमत नहीं: आरोपी से चल रही पूछताछ डीएसपी रुपिंदर कौर बाजवा मामले की जांच कर रही हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी अब तक की पूछताछ में यह मान चुका है कि उसने पहले हत्या की है और फिर कार को आग लगाकर शवों को जलाया है। आरोपी प्रॉपर्टी विवाद की बात कर रहा है। अभी मामले की जांच की जा रही है। जल्दी ही स्पष्ट हो जाएगा कि उसने हत्या क्यों की और किस समय की।


