संजौली मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ:बिजली-पानी का कनेक्शन नहीं काटने पर रोष, पुलिस ने संघर्ष समिति कार्यकर्ताओं को रोका

हिमाचल की राजधानी शिमला में संजौली मस्जिद मामले में आज देवभूमि संघर्ष समिति कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद का बिजली-पानी काटने की मांग की। दोपहर बाद करीब साढ़े चार बजे प्रदर्शनकारी संजौली मस्जिद की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें संजौली मस्जिद से पहले ही सड़क पर रोक लिया। तब कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस के रोकने पर देवभूमि संघर्ष समिति कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और यहां हनुमान चालीसा का पाठ किया। देवभूमि क्षत्रिय संगठन के विजय शर्मा ने कहा, नगर निगम आयुक्त के आदेशों के बावजूद मस्जिद का बिजली-पानी नहीं काटा जा रहा है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। बता दें कि निगम आयुक्त ने बीते 4 मई को संजौली मस्जिद को अवैध बताते हुए पूरी तरह गिराने के आदेश दे दिए है। इस मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिल को तोड़ने के आदेश बीते साल 5 अक्टूबर को दिए थे। कोर्ट के आदेशानुसार, संजौली को पूरी मस्जिद को हटा दिया जाएगा। वक्फ बोर्ड को यह मस्जिद खुद अपने खर्च पर हटानी है। इसे तोड़ने का काम जारी है, लेकिन मस्जिद में बिजली और पानी के कनेक्शन अभी नहीं काटे गए। इससे नाराज देवभूमि संघर्ष समिति ने आज संजौली में रोष जाहिर किया। ​​​​​​​ संजौली मस्जिद के कारण पूरे देश में मचा था बवाल संजौली मस्जिद के कारण बीते साल पूरे देश में बवाल मचा था। दरअसल, 31 अगस्त 2024 को शिमला के मेहली में 2 समुदायों में मारपीट हुई। मारपीट करने वाले एक समुदाय के लोग संजौली मस्जिद में छिप गए। 1 सितंबर को मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद शिमला में कई बार हिंदू संगठनों में उग्र प्रदर्शन किया। मस्जिद कमेटी ने खुद अवैध हिस्सा तोड़ने की पेशकश की इस दौरान संजौली में प्रदर्शनकारियों पर हल्का बल प्रयोग और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। इससे हिंदू संगठन भड़क गए और पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हुए। संजौली के बाद दूसरी जगह भी मस्जिद को तोड़ने की मांग उठी। संजौली मस्जिद का विवाद तूल पकड़ ही रहा था, इस बीच 12 सितंबर को संजौली मस्जिद कमेटी खुद निगम आयुक्त कोर्ट में पहुंची और खुद अवैध हिस्सा तोड़ने की पेशकश की। तब जाकर विवाद शांत हो पाया।

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