संतों का विवाद गहराया, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की दो टूक:गाली देंगे तो मारपीट होगी, रामादाल से किसी प्रकार का मंच साझा नहीं होगा

सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों से पहले उज्जैन में संतों के बीच मतभेद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। स्थानीय अखाड़ा परिषद में टूट के बाद वैष्णव और शैव संतों के बीच विवाद और गहरा हो गया है। रविवार को स्थानीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद जहां परिषद भंग घोषित कर दी गई, वहीं अगले दिन वैष्णव अखाड़े के संतों ने अलग होकर रामादल अखाड़ा परिषद का गठन कर लिया और शैव अखाड़ों से किसी भी प्रकार का संपर्क न रखने का ऐलान कर दिया। वैष्णव संत बोले- शैव अखाड़ों से कोई संबंध नहीं रहेगा रामादल परिषद की कार्यकारिणी घोषित करने के बाद वैष्णव संतों ने मीडिया से कहा कि सिंहस्थ को लेकर प्रशासन से बातचीत अब वे स्वतंत्र रूप से करेंगे। उनका कहना था कि शैव अखाड़ों के साथ समन्वय की कोई आवश्यकता नहीं है और आगे किसी भी प्रकार का साझा मंच नहीं होगा। “भाषा सुधारे, नहीं तो संतों में मारपीट होगी” मंगलवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने वैष्णव अखाड़े से जुड़े संतों के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रामेश्वर दास महाराज द्वारा सन्यासियों के लिए उपयोग किए गए शब्दों से संत समाज में तीखा आक्रोश है। रविंद्र पुरी का बयान था कि “सन्यासियों के बारे में जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया गया है, उसे संत बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारे सन्यासी नाराज हैं, माहौल खराब हो सकता है। संत इकट्ठा हो रहे हैं, आगे मारपीट तक की नौबत आ सकती है। ये लोग 40 साल से सन्यासियों के भंडारे खा रहे हैं।” “कुंभ में प्रशासन से बातचीत अखाड़ा परिषद ही करेगी” अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने साफ कहा कि सिंहस्थ से जुड़े कार्यों में अखाड़ा परिषद ही आधिकारिक रूप से प्रशासन से संवाद करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि “हम कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते, लेकिन अगर कोई हमें गाली देगा तो संत साधु होकर भी चुप नहीं बैठेंगे। रामादल चाहे तो अपने निजी कार्यों के लिए अलग रहे, पर कुंभ के कार्यों से उसका कोई संबंध नहीं है।” विवाद के बढ़ने से प्रशासन की चिंताएं बढ़ीं लगातार दो दिनों से बढ़ रहे विवाद ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन में सभी अखाड़ों की एकजुटता आवश्यक मानी जाती है। ऐसे में वैष्णव एवं शैव संतों के बीच चली तकरार आगामी व्यवस्थाओं को प्रभावित कर सकती है। ये खबर भी पढ़ें… सिंहस्थ कुंभ से पहले स्थानीय अखाड़ा परिषद भंग सिंहस्थ कुंभ से पहले उज्जैन में स्थानीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों ने इस्तीफा देकर परिषद को भंग कर दिया। रविवार दोपहर को दत्त अखाड़े की आपात बैठक में चार संतों ने परिषद से इस्तीफा देकर परिषद भंग होने का दावा किया। इधर, स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने ऐसे किसी भी जानकारी से इंकार किया है। पूरी खबर पढ़ें

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *