खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत बिश्नोई धर्मशाला के सामने चल रहे महापड़ाव पर मुकाम मेले को देखते हुए अब धीरे-धीरे भीड़ बढ़नी शुरू हो जाएगी। संतों ने सरकार को शपथ पत्र भेजकर भरोसा दिलाया है कि कानून लागू होने तक पूरे राजस्थान में खेजड़ी की कटाई पर रोक के आदेश जारी करें। महापड़ाव तुरंत उठा लिया जाएगा। बिश्नोई धर्मशाला में बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने यह जानकारी देते हुए कहा कि संभागीय आयुक्त का पत्र राजस्व सचिव के यहां से जारी करने की बात थी। खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने के लिए कलेक्टरों को पाबंद किया जाना था, लेकिन यह लेटर जारी नहीं किया गया। सरकार को भरोसा दिलाने के लिए हमने लिखित में दिया है कि कानून लागू होने तक ऐसा आदेश जारी करवा दें तो महापड़ाव तत्काल उठा लेंगे। दस दिन से शांतिपू्र्ण आंदोलन चल रहा है। मुकाम मेला आ रहा है। देशभर से करीब पांच लाख श्रद्धालु जुटेंगे। इनमें से आधे भी महापड़ाव पर आ गए तो जिला प्रशासन से संभलेगा नहीं। महाराज ने कहा कि 17 फरवरी को शहर की हर गली में महापड़ाव लगाया जाएगा। लोग घरों से नहीं निकल सकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के सोलर कंपनियों से हाथ मिले हुए हैं। मौन जुलूस निकाला : खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत महापड़ाव और क्रमिक अनशन बुधवार को भी जारी रहा। शाम को चार बजे संतों सहित पर्यावरण प्रेमियों ने शहर में मौन जुलूस निकला और आधे घंटे के लिए कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने कहा है कि प्रशासन संपत्ति सीज करने के नोटिस देकर हठधर्मिता पर उतर आया है। उधर जीव रक्षा संस्था के अध्यक्ष मोखराम बिश्नोई ने बताया कि सरकार कर हठधर्मिता को देखते हुए सभी उपखंड और तहसील मुख्यालयों पर धरना शुरू कर दिया गया है। जल्दी ही आंदोलन उग्र किया जाएगा। सीएम को गुमराह कर रहे हैं मंत्री-अफसर : स्वामी भागीरथदास शास्त्री ने कहा कि मंत्री और अफसर मिलकर इस आंदोलन को लेकर सीएम को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने जयपुर का वाकया सुनाते हुए कहा, हमसे पहले मंत्री और अफसरों ने बात की थी। बोले, सीएम से कुछ मत कहना। आदेश जारी हो जाएंगे। हम उनकी राजनीति को समझ नहीं सके। हम सोलर का विरोध नहीं करते, लेकिन इसके लिए खेजड़ी की कटाई नहीं होनी चाहिए। सीएम को वास्तविक हालात से अवगत नहीं कराया जा रहा है। महाराज ने कहा कि मुकाम मेले के दिन पांच लाख लोगों को महापड़ाव आने का आह्वान किया है। इसमें से आधे तो आएंगे ही।


