जोधपुर के संत अजनेश्वर आश्रम में 2 जनवरी से 8 जनवरी तक श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसमें राधा कृष्ण महाराज कथा वाचन कर रहे हैं। कथा में सोमवार को भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया। जिसमें देवराज इंद्र के घमंड को दूर करने के लिए भगवान की ओर से धारण किए गए गोवर्धन की महिमा को बताया गया। कथा के माध्यम से बताया गया कि भगवान ने इंद्र का मान मर्दन करते हुए गोवर्धन पर्वत को अपने अंगुली पर धारण किया और मूसलाधार बारिश के बीच बृजवासियों की रक्षा की। बाद में इंद्र को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने भगवान से क्षमा मांगी। इसी को लेकर आज कथा में भी अन्नकूट का भोग गोवर्धन महाराज को लगाया गया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान वस्तु विशेष के नहीं भाव के भूखे हैं। इसलिए भगवान की भक्ति करने वालों को भाव से भक्ति करनी चाहिए। बता दे की 9 जनवरी को तुलसीदास महाराज की 33वीं पुण्य बरसी महोत्सव के उपलक्ष में यह कथा की जा रही है। जिसमें बड़ी संख्या में शहर के श्रद्धालु शामिल होकर कथा रसपान कर रहे हैं।


