रिश्ते खून से बनते हैं, लेकिन जब लालच हावी हो जाए, तो भाई भी दुश्मन बन सकता है। भोपाल में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व एडीएम मूलचंद किशोरे ने अपने बड़े भाई जोखीलाल को जीवित होते
हुए भी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया। वजह थी- संपत्ति पर कब्जा करना। आरोप है कि पूर्व एडीएम किशोरे ने एक निजी मेडिकल कॉलेज की मदद से अपने बड़े भाई का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। इसके बाद भोपाल नगर निगम से भी उस प्रमाण पत्र के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया गया। यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। इन दस्तावेजों को उन्होंने जबलपुर हाईकोर्ट में चल रहे एक संपत्ति विवाद के केस में प्रस्तुत किया। कोर्ट में दिए गए शपथ पत्र में कहा गया कि बड़े भाई जोखीलाल का निधन हो चुका है। उन्होंने अपनी सारी संपत्ति की वसीयत रेखा किशोरे (मूलचंद की पत्नी) के नाम कर दी है। पत्नी के अलावा अन्य चार पर भी केस दर्ज एक निजी विवि में चांसलर है किशोरे मूलचंद किशोरे इस समय एक निजी विश्वविद्यालय में वाइस चांसलर हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने राजस्व विभाग और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों में स्वामित्व परिवर्तन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रमाण पत्र जारी करते समय पहचान के किसी दस्तावेज की जांच नहीं की गई।


